.

.




देहरादून  : 03 फरवरी , 2016

आयुर्वेद सहित विभिन्न प्राचीन चिकित्सा पद्घतियों तथा उनमें हो रहे शोध कार्यों के बारे में आम लोगों को जागरुक करने के मकसद से केंद्र सरकार का आयुष मंत्रालय देहरादून पांच फरवरी से राष्ट्रीय आरोग्य मेला आयोजित करने जा रहा है। 

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने संवाददाताओं को बताया कि उत्तराखंड सरकार और फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्टरीज के सहयोग से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मेले का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद सहित सभी प्राचीन चिकित्सा पद्घतियों को बढ़ावा देकर प्रदेश के स्थानीय लोगों की सेहत और जीवन शैली को सुधारते हुए उनमें बीमारियों के स्तर को कम करना है । उन्होंने बताया कि आयुष चिकित्सा के तहत आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्घ तथा योग जैसी पांच प्राचीन चिकित्सा पद्घतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

नेगी ने कहा कि उत्तराखंड में औषधि युक्त पौधों और जडी बूटियों की भरपूर पैदावर होती है जिसे इस वर्ष के राष्ट्रीय आरोग्य मेला के माध्यम से और बढ़ावा दिया जाएगा । उन्होंने बताया कि इस वर्ष के मेले में दवाई उद्योग से जुड़ी कुल 66 कंपनियां भाग ले रही हैं जिनमें से ज्यादातर उत्तराखंड की हैं। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर इस वर्ष 10 फरवरी को मनाए जा रहे नेशनल डीवर्मिंग डे के लिये सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। 

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों तथा सरकारी वित्त पोषित स्कूलों में पढने वाले एक वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों को कृमि नियंत्रक दवा दी जाएगी। नेगी ने कहा कि जो बच्चे स्कूल नहीं जाते उन्हें आंगनवाडी केंद्रों के माध्यम से यह दवा वितरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शरीर में मौजूद कृमि भोजन में मौजूद विटामिनों को खा लेते हैं जिससे बच्चों में खून में कमी हो जाती है और उनके शारीरिक विकास पर असर पडता है, इसीलिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है । नवभारत 



See More

 
Top