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उत्तरकाशी  : 11 फरवरी , 2016
बीरपुर डुंडा गांव में बृहस्पतिवार को आटे की अनूठी होली खेली गई। रिंगाली देवी की डोली के साथ पारंपरिक परिधानों में सजी जाड भोटिया समुदाय की महिलाओं का नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। घरों पर मंत्र लिखे नए झंडे चढ़ाने के साथ चार दिनों से चल रहा लोसर पर्व संपन्न हुआ।


जाड भोटिया समुदाय के बीरपुर डुंडा गांव में बृहस्पतिवार सुबह से ही आटे की होली शुरू हो गई। लोगों ने धन धान्य की कामना के साथ एक दूसरे को आटा लगाकर होली खेली और शुभकामनाएं दीं।

बता दें कि जाड भोटिया समुदाय के लोग बौद्ध पंचांग के अनुसार नए साल के स्वागत पर लोसर का पर्व मनाते हैं और त्योहार में हिंदू धर्म के दीपावली, दशहरा और होली का साझा रूप देखने को मिलता है।

आटे की होली के बाद ग्रामीण गांव के मध्य स्थित रिंगाली देवी के मंदिर में एकत्र हुए। यहां भजन कीर्तन करने के साथ ही पारंपरिक परिधानों में सजी जाड भोटिया समुदाय की महिलाओं ने देवी की डोली के साथ जमकर नृत्य किया।


लोसर के आखिरी दिन संसदीय सचिव गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण भी डुंडा पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस समुदाय की अनूठी संस्कृति विशेष आकर्षण का केंद्र है। अगली बार से इस पर्व को और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।

इस मौके पर रवाईं जौनसार से आए कलाकारों ने भी रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर डुंडा के ब्लाक प्रमुख कनकपाल परमार, जसपाल सिंह, प्रेम सिंह, राजू खाम्पा, प्रेम खाम्पा, सुंदर खाम्पा, भीम सिंह, अनीता खाम्पा, भवान सिंह आदि मौजूद रहे। अमर उजाला



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