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देहरादून    : 02 फरवरी , 2016
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में दवाओं का संकट गहरा गया है। सामान्य दवाओं के साथ ही कई जीवन रक्षक दवाएं भी खत्म हो गई हैं। दवाएं उपलब्ध नहीं होने से सर्वाधिक संकट पर्वतीय क्षेत्रों में गहराएगा, जहां मरीज पूरी तरह से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आश्रित हैं। शासन स्तर से महानिदेशालय को 23 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं, लेकिन औषधि क्रय नीति की पेचीदगी के चलते फिलहाल अगले दो सप्ताह तक दवा खरीद की संभावना नहीं है।

स्वास्थ्य महानिदेशालय के स्तर से सरकारी अस्पतालों को कुछ दवाएं भेजी गई हैं, लेकिन यह नाकाफी हैं। अस्पतालों से सामान्य रोगों के साथ ही गंभीर रोगों की दवाओं की मांग भी भेजी जा रही है। हालांकि, निदेशालय स्तर पर भी यह दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।

गंभीर रोगों की दवाएं भी खत्म
वहीं, दून अस्पताल समेत कई अन्य अस्पतालों में गंभीर रोगों की भी दवा खत्म हो गई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल ने इस संबंध में मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी से मुलाकात कर दवाओं की स्थिति के संबंध में जानकारी दी। मंत्री ने जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन नई खरीद की प्रक्रिया के लिए दो सप्ताह का कम से कम समय और लगेगा अमर उजाला



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