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पिथौरागढ़: 19 फरवरी , 2016

जिस बच्चे के लिए मां, बाप स्वयं कष्ट झेल कर उसकी खुशी में खुश होते थे। उसके सुनहरे भविष्य के लिए अपनी माली हालत से बाहर जाकर पब्लिक स्कूल में दाखिला दिया था। अब उसी लाडले के इस दुनिया से विदा लेने से दोनों की दुनिया उजड़ चुकी है। नैनी सैनी गांव निवासी शंकर कसनिययाल का चार वर्षीय पुत्र कार्तिक की आवारा कुत्तों के काटने से मौत हो गई है। इस तरह का यह मामला क्षेत्र की पहली घटना है। 

17 फरवरी की शाम को चालक शंकर सिंह और उमा देवी का चार साल का बच्चा कार्तिक अपने घर के आंगन में खेल रहा था। घर के आंगन को सुरक्षित समझ कर मां-बाप भी निश्चिंत थे। उन्हें क्या पता था कि आवारा कुत्तों के रूप में मौत घर के आंगन तक तक आ रही है।

अचानक एक दर्जन आवारा कुत्तों का झुंड आया और आंगन में खेल रहे चार वर्षीय कार्तिक पर हमला कर दिया। आवारा कुत्तों के आक्रमण को न तो चार साल का बच्चा समझ सका और नहीं वह बचाव करने में सक्षम था। कुत्तों ने उसके सिर, पेट, पांव और हाथ से मांस नोच डाला।

मासूम बच्चा चिल्लाता रहा। उसकी चीख पर जब माता-पिता और आसपास के लोग पहुंचे। पहले तो कुत्तों के चंगुल से उसे छुड़ा पाना मुश्किल हो गया। बड़ी मुश्किल से जब कुत्तों को भगाया तब तक कार्तिक के शरीर के नब्बे फीसद हिस्से को कुत्ते काट चुके थे।

जमीन में मासूम बच्चे के मांस के लोथड़े पड़े थे। आनन-फानन में बच्चे को चार किमी दूर जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे 226 किमी दूर हल्द्वानी रेफर किया गया। नन्हीं जान और बुरी तरह जख्मी कार्तिक हल्द्वानी तक तो जिंदा पहुंचा परंतु अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घर के इकलौते चिराग के इस दुनिया से विदा लेते ही शंकर और उमा की दुनिया ही उजड़ गई। घर में कोहराम मचा है। 

नर्सरी का छात्र था मृतक
कार्तिक सामान्य परिवार का है। उसके पिता शंकर कसनियाल पिथौरागढ़ में एक निजी व्यक्ति का चालक है। कार्तिक हिमालय पब्लिक स्कूल में नर्सरी का छात्र था। छात्र की मौत से विद्यालय में शोक व्याप्त है।

सीएम राहत कोष से एक लाख स्वीकृत
सीएम हरीश रावत ने मृतक परिजनों को सीएम राहत कोष से एक लाख की धनराशि स्वीकृत की है।  जागरण




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