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ऊधम सिंह नगर  : 11 फरवरी , 2016
विकास की रफ्तार यदि सरकार के मंत्रियों और विधायकों की घोषणाओं से आंकी जाए तो प्रदेश सरपट दौड़ रहा है, लेकिन यदि बजट खर्च करने की जमीनी हकीकत देखें तो हालत बदतर नजर आते हैं। ये हालत तब हैं जब मुख्यमंत्री जिले के महीने में चार दौरे कर रहें हैं और उनका सारा फोकस तराई पर ही है। चालू वित्तीय वर्ष की बात करें तो 10 माह गुजर चुके हैं, लेकिन कुछ विभागों को छोड़कर जिले के अधिकतर विभाग विकास कार्यों को आवंटित बजट का 40 फीसदी भी खर्च नहीं कर सके हैं। महिला कल्याण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जल संस्थान, पशुपालन, माध्यमिक शिक्षा पिछड़ी जाति कल्याण योजना जैसे शीर्षक प्राथमिकता वाले विभागों की हालत तो और खराब है। आधा दर्जन महकमों ने अभी तक योजनाओं का धन छुआ तक नहीं है। डीएम अक्षत गुप्ता और सीडीओ डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव की फटकार के बाद अधिकारी आंकड़ों के खेल में जुटे हुए हैं। 

केंद्र सेक्टर की वित्तीय स्थिति की बात करें तो पिछड़ी जाति के कल्याण के लिए शासन से 1.34 करोड़ रुपये आवंटित हुए, 10 माह बीतने के बाद आज तक विभाग ने एक रुपया नहीं खर्च किया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछड़ी जाति का विकास कैसे होगा। वहीं नगर विकास को 1.79 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को 109 लाख आवंटित हुए जिसमें से वह एक ढेला तक खर्च नहीं कर पाए। वहीं कई विभागों को अभी तक 80 प्रतिशत धनराशि खर्च कर देनी चाहिए थी। लेकिन वे 40 फीसदी से ऊपर नहीं पहुंच पाए हैं। 
ये ही हाल राज्य सेक्टर योजनाओं का है जिसमें विधायक निधि, बाल विकास, सर्वशिक्षा अभियान का है। जिला योजनाओं के तो हाल और ही बुरे हैं। विकलांग कल्याण, महिला कल्याण को जारी बजट का एक रुपया खर्च नहीं हो पाया है। वहीं जल निगम, वन विभाग, सेवायोजन सहित 14 विभाग अपना 70 फीसदी खर्च नहीं कर पाए हैं। 

जिला योजना की स्थिति रिपोर्ट लाख में 
विभाग शासन से अवमुक्त क्रमिक व्यय
विकलांग कल्याण 1.4000
महिला कल्याण 0.55
जल निगम 561274
गन्ना विकास 17082
वन विभाग 5127

राज्य सेक्टर की वित्तीय रिपोर्ट लाख में
विधायक निधि  1806678
बाल विकास एवं पुष्टाहार  39411656
सर्व शिक्षा अभियान 2499505
अल्पसंख्यक कल्याण 1.2000
केंद्र सेक्टर योजना की वित्तीय रिपोर्ट लाख में 
पिछड़ी जाति कल्याण 13400
नगर विकास 17900
अल्पसंख्यक कल्याण 10900
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य 1610648
सर्वशिक्षा अभियान 4642938
अमर उजाला


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