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देहरादून : 11 फरवरी , 2016

देश की पहली किन्नर विधायक बनने के बाद भी उन्हें सभी से वह सम्मान नहीं मिला, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। कुछ विधायक तो उन्हें रात में गंदे मैसेज भेजकर भी परेशान करते थे। यह बात देश की पहली ट्रांसजेंडर विधायक रह चुकीं शबनम मौसी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। शबनम किन्नरों को लेकर समाज की गलत सोच के बारे में बात कर रही थीं।

एक कार्यक्रम में शामिल होने देहरादून पहुंचीं शबनम ने कहा कि जब वह विधायक बनीं तो कई लोगोें को यह बात हजम नहीं हो रही थी। उन्होंने बताया कि एक बार विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान वे टॉयलेट की तरफ गईं। लॉबी में एक मंत्री ने उनपर कमेंट किया। विरोध जताने पर वह गालियां देने लगा। शबनम का कहना है कि इसके बाद गुस्से में उन्होंने चप्पल निकालकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। यह देखकर कुछ विधायक वहां पहुंचे और मामला शांत कराया।
शबनम ने कहा कि देश में आज भी इस समाज को स्वीकार्यता नहीं मिल पायी है। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्हें शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। साथ ही उन्होंने उनके लिए विधानसभा, लोकसभा और पंचायतों में सीट आरक्षित करने की मांग भी उठाई। शबनम ने यह भी कहा कि वे अगली बार फिर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं, लेकिन वे किसी पार्टी के साथ नहीं जाएंगी। शबनम का कहना था कि पार्टी सिस्टम से सम्मान मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने एलके आड़वानी को दरकिनार करने की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जब इतने बड़े नेता को उनकी ही खड़ी की गयी पार्टी में किनारे कर दिया गया तो उन जैसों के सम्मान की क्या गारंटी है। हिन्दुस्तान



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