देहरादून  : 09 फरवरी , 2016
एडीबी की उदासीनता, सुस्ती, लापरवाही और दूसरे विभागों से समुचित समन्वय नहीं होने से लोग परेशान हैं। सीवरेज एवं पेयजल लाइन डालने के बाद सड़कों को नहीं बनाने की वजह से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोग सरकार से बेहद खफा हैं और न्यायालय व मानवाधिकार आयोग तक जाने को तैयार बैठे हैं। दूसरी तरफ, एडीबी अधिकारी कहते हैं कि अगले चार माह में सड़कों के पुनर्निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा।

ब्रह्मपुरी-इंदिरा गांधी मार्ग पर पेयजल लाइन को बिछाए एक साल होने को आया, लेकिन सड़कें खोदी गई सड़कें अभी तक ठीक नहीं की गईं। पीके कोठारी, डीके नैथानी, एआर जुयाल का कहना है कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में कई बार एडीबी के खिलाफ मोरचाबंदी की गई, लेकिन इसके बावजूद एडीबी कुछ करने को तैयार नहीं है।

क्षेत्रीय पार्षद सतीश कश्यप का कहना है कि वह क्षेत्रवासियों का सहयोग लेकर लगातार संघर्षरत हैं। अगर जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई तो एडीबी के कार्यालय में तालाबंदी तक की जाएगी।

कोर्ट जाने की तैयारी में लोग
न्यू कॉलोनी बल्लूपुर में तो सड़क बनी ही नहीं है। यहां के लोग लंबे समय से परेशान हैं। कई मर्तबा लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन एडीबी अधिकारी उदासीन बने हैं। कालोनी निवासी पीएस असवाल ने कहा कि अब तो न्यायपालिका की शरण लेना ही विकल्प नजर आता है।

कौलागढ़ निवासी विपुल नौटियाल का कहना है कि एडीबी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यहां पर सीवरेज पाइप डाले गए थे, लेकिन एक साल होने को आया सड़क नहीं बनाई गई। आरटीआई कार्यकर्ता अमर सिंह धुंता कहते हैं कि राजेंद्रनगर में भी एडीबी की लापरवाही से कम से कम दस लोग चोटिल हुए। इन्होंने लाइन बिछाने के बाद आज तक सड़क नहीं बनाई है। 

इनका है कहना
एडीबी की ओर से कार्यों की सुस्ती और गुणवत्ता के कई कारण हैं। इसके पास अरबों रुपये के काम हैं, लेकिन मानव संसाधन की कमी है। प्रदेश सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। सारा काम गैर पेशेवर तरीके से हो रहा है। ठेकेदारों के काम का स्तर संतोषजनक नहीं है। इसी वजह से प्रदेश का 600 करोड़ का केंद्रीय अनुदान रुक गया। 
-विनोद चमोली, मेयर

लोगों की शिकायतें देखकर हम सारे काम स्थगित कर सड़कों के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। काम चालू हो गया है, लेकिन सड़कों को बनाने में समय तो लगता है। हमारी प्राथमिकताओं में इंजीनियर्स एंक्लेव, जीएमएस रोड के आसपास की कॉलोनियां, हरिद्वार बाईपास, इंदिरा गांधी मार्ग, ब्रह्मपुरी, न्यू कालोनी बल्लुपुर हैं। हमने ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे समय से गुणवत्तायुक्त काम करके दें।
-विनय मिश्रा, प्रोजेक्ट मैनेजर-एडीबी अमर उजाला




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