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देहरादून : 20 मार्च , 2016


बिल्लू बारबर, मंगल पांडे, पाप जैसी फिल्मों में काम करने वाले एहसान बख्श अब उत्तराखंड में दूसरी फिल्म बनाने वाले हैं। बच्चों पर आधारित फिल्म ‘अंडर द स्काई’ को 15 देशों में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में जबरदस्त रिस्पांस मिला है। 

एहसान कनाडा की कंपनी के साथ मिलकर उत्तराखंड में दूसरी फिल्म बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं। इस फिल्म में लीड रोल निभाने वाली लड़की की मुलाकात हरिद्वार में एक सच्चे साधु से होगी, जो उसे सही मार्ग दिखाएंगे और जीना सिखाएंगे। इन दिनों एहसान संस्कृति विभाग संग मिलकर दून के युवाओं को एक्टिंग की बारीकियां सिखा रहे हैं। 

कुमाऊं के रहने वाले एहसान ने वर्ष 2015 में उत्तराखंड के गांवों के बच्चों को लेकर फिल्म ‘अंडर द स्काई’ बनाई। इस फिल्म की शूटिंग हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, मसूरी आदि जगहों पर की गई थी। 

फिल्म की खास बात यह थी कि इसके लिए कोई कलाकार बच्चे नहीं बल्कि सीधे-साधे गांव के बच्चे लिए गए और उन्हें एक्टिंग की बारीकियां सिखाई गई। यह फिल्म अब तक फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, इटली, गोवा, हालैंड सहित पंद्रह अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जा चुकी हैं। 

जीवन से हार चुकी लड़की की है कहानी
गोवा फिल्म बाजार में यह नॉमीनेट भी हो चुकी है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे बच्चे मिलकर गांव के पेड़ा को बचाते हैं और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देते हैं। एहसान ने बताया कि गोवा फिल्म फेस्टिवल में कनाडा की एक कंपनी को यह फिल्म बेहद पसंद आई।

उन्होंने साथ काम करने की इच्छा जताई तो मैंने भी झट से उत्तराखंड में बनाई जाने वाली अगली फिल्म की रूपरेखा रख दी। 
स्टोरी उन्हें पसंद आई। बताया कि फिल्म में एक ऐसी लड़की की कहानी दिखाई जाएगी जो कि जीवन से हार चुकी है लेकिन हरिद्वार में उसे एक सच्चा साधु मिलता है जो उसे जीने की राह दिखाता है। 

इसके बाद लड़की का जीवन पूरी तरह से बदल जाता है। बताया कि इन दिनों वह केनाल रोड स्थित एक स्कूल में अभिनय की बारीकियां सिखा रहे हैं, फिर इन युवाओं के साथ मिलकर हरिद्वार में एक नाटक का मंचन करेंगे। 

मोबाइल थियेटर से दिखाई फिल्म
एहसान ने बताया कि उन्होंने सिडकुल के सहयोग से उत्तराखंड के गांव-गांव में फिल्म ‘अंडर द स्काई’ दिखाई। मोबाइल थियेटर लेकर जब वह गांवों में पहुंचे तो हर कोई देखता रह गया। 

बताया कि जब स्क्रीन पर फिल्म चलाई गई तो गांव के बुजुर्ग बोले बेटा पहली बार फिल्म देखने का मौका मिला वो भी इतनी बड़ी तस्वीरों के साथ। बताया कि अब तक राज्य के बीस गांवों में यह फिल्म दिखा चुके हैं।   अमर उजाला


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