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देहरादून : 01 मार्च , 2016
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश की 11 हजार से ज्यादा आशा कार्यकत्रियां लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगी।

कार्यकत्रियां सरकार की ओर से होने जा रहे आशा सम्मेलन का बहिष्कार करने के साथ ही परेड ग्राउंड से घंटाघर तक रैली निकालेंगी।

आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन की अध्यक्ष शिवा दूबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विधायक आवास जाकर सभी 70 विधायकों और मंत्रियों को ज्ञापन दिया।

उन्होंने कहा कि मानदेय तय किए जाने और पांच हजार रुपये प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि का जीओ जारी करने की मांग पर कार्यकत्रियां लंबे समय से आंदोलन कर रही हैं। लेकिन सरकार कार्यकत्रियों की मांगों पर मौन धारण किए है।

अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक के सामने कार्यकत्रियां गुहार लगा चुकी हैं। लेकिन सरकार के इस अड़ियल रवैये को देखकर अब कार्यकत्रियों के सब्र का बांध टूट गया है।

उन्होंने कहा कि हर साल स्वास्थ्य विभाग आशाओं को प्रोत्साहित करने के लिए महिला दिवस के मौके पर आशा सम्मेलन का आयोजन करता है। लेकिन सरकार आशाओं को हमेशा निराश ही करती आ रही है।

इस वजह से सभी आशा कार्यकत्रियां इस सम्मेलन का विरोध करेंगी। सभी विधायकों व मंत्रियों से आगामी कैबिनेट बैठक में अपनी मांगों को रखने की मांग करने वाली आशा कार्यकत्रियां आठ मार्च को परेड ग्राउंड में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ घंटाघर तक रैली निकालेंगी।

स्वास्थ्य सचिव भूपिंदर कौर औलख का कहना है कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं हैं। कार्यक्रम विभागीय स्तर से होना है। डीजी हेल्थ डॉ. कुसुम नरियाल का कहना है कि आशा कार्यकत्रियों से कार्यक्रम से पहले ही इस बारे में वार्ता की जाएगी। अमर उजाला


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