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हल्द्वानी : 20 मार्च , 2016


लोग यूं तो किन्नर को जन्मोत्सव, शादी और अन्य शुभ अवसरों पर नाचने-गाने वाली के रूप में जानते हैं, लेकिन हल्‍द्वानी के उजाला नगर में रहने वाली कजरी की सोच औरों से जुदा है।

वह खुद तो अनपढ़ हैं, पर गरीब बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर उनके जीवन में उजाला फैलाने की कोशिश कर रही हैं। सदैव स्नेह दिखाने के कारण ही बच्चे उन्हें प्यार से मौसी कहते हैं, तो बड़े दीदी।

बच्चों का पढ़ाने का शौक रखने वाली कजरी अब तक 13 से ज्यादा गरीब बच्चों को शिक्षा दिलाने में मदद कर चुकी हैं। यही नहीं, बीते माह कजरी ने नगर में बन रहे एक पुस्तकालय में भी एक लाख की सहयोग राशि देकर शिक्षा के प्रति अपनी जीवटता दिखाई है।

उसका यही गुण उसे किन्नर होने के बाद भी सामान्य लोगों की श्रेणी से ऊपर खड़ा कर देता है। कजरी के जीवन का यह पक्ष शायद कम ही लोग जानते हैं।  अमर उजाला



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