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देहरादून :  26 मार्च , 2016

कथित स्टिंग में आरोपों के घेरे में आए मुख्यमंत्री हरीश रावत सरकार पर आम आदमी पार्टी (आप) ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। आप का दावा है कि 3300 करोड़ रुपये के निवेश में सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में यह बात सामने आई है कि सरकार और कथित विदेशी कंपनी के बीच हुए समझौते में सरकार के पास कोई कागजात और सूचनाएं नहीं हैं। इसके बिना पर आप ने सीएम हरीश रावत से सार्वजनिक बयान देने अथवा पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

3300 करोड़ के समझौते का उठाया मामला
शनिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में आप के प्रदेश प्रभारी अनूप नौटियाल ने दावा किया कि नौ दिसंबर-2015 में प्रदेश सरकार और इंटरनेशनल ऑयल कारपोरेशन एवं नूअम लिमिटेड के बीच कथित तौर पर 3300 करोड़ रुपये का समझौता किया गया।

आप का दावा है कि इस समझौते में शुरू से गड़बड़ी दिख रही थी। इसलिए पार्टी की तरफ से विजिलेंस को शिकायत की गई। साथ ही सूचना के अधिकार के तहत जानकारियां मांगी गईं। आप की तरफ से दावा किया गया कि आरटीआई 19 जनवरी को लगाई गई, जिसके जवाब फरवरी से मिलने शुरू हो गए थे।

आरटीआई से मिली जानकारी
आप का दावा है कि शहरी विकास विभाग ने आरटीआई के जवाब में कहा है कि उसके पास समझौते की कोई जानकारी नहीं है। किसी भी तरह का दस्तावेज होने से भी इनकार किया गया है। आप नेता अनूप नौटियाल ने कहा कि इस समझौते का एक हस्ताक्षरी व गवाह कई गंभीर वित्तीय आरोप झेल रहा है।

उसकी वित्तीय गतिविधियां संदिग्ध रही हैं। इन मुद्दों पर आप ने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक बयान देने की मांग की है। 27 मार्च की शाम तक बयान नहीं देने की स्थिति में इस्तीफा देने की मांग की है। पत्रकार वार्ता में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। अमर उजाला  


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