.

.





देहरादून : 22 मार्च , 2016

रंगों के त्योहार होली का बड़ी ही उत्सुकता से इंतजार किया जा रहा है। होली से जुड़ा है रंग, गुलाल व अबीर, लेकिन रंग खेलते हुए अगर थोड़ी सी लापरवाही हो जाए तो आपकी आंखों और त्वचा को नुकसान हो सकता है। त्योहार का मजा किरकिरा न हो और खुशियां बरकरार रहें इसके लिए कुछ एहतियात बरतने की आवश्यकता है। कुछ सुझाव पर ध्यान देकर आप होली के आनंद को दोगुना कर सकते हैं।

दून अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आर्य के अनुसार आम तौर पर होली पर्व पर मिलावटी रंगों की बिक्री भी शुरू हो जाती है। आम उपभोक्ता इन रंगों की पहचान नहीं कर पाते और सगे-संबंधियों के बीच खुशी मनाते इन्हीं का प्रयोग करते हैं। इससे त्वचा पर विपरीत प्रभाव शुरू हो जाता है। रंग खेलने से पहले कुछ सावधानियां रखकर इनके बुरे असर से बचा जा सकता है। 

नेत्र विशेषज्ञ डॉ. बीसी रमोला बताते हैं कि गुलाल में ऐसे छोटे-छोटे कण मौजूद होते हैं, जो यदि आंखों में चले जाएं तो कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कॉर्नियल एब्रेशन ऐसी ही एक एमरजेंसी होती है, जहां आंखों से निरंतर पानी गिरता रहता है और दर्द भी बना रहता है। यदि ध्यान न दिया जाए तो आंखों में संक्रमण या अल्सर हो सकता है। होली पर गुब्बारों के इस्तेमाल से आंखों में अंदरूनी रक्स्राव हो सकता है या किसी प्रकार की भी चोट लग सकती है। आंखों को किसी प्रकार का खतरा हो, उससे पहले आप किसी अच्छे नेत्र रोग विशेषज्ञ से अवश्य ही संपर्क करें।

ये बरतें सावधानी 

-कोई रंग लगाने आए तो अपनी आंखों को बंद रखें। 

-आंखों में चश्मा पहनें, जिससे खतरनाक रंगों के रसायन से आपकी आंखें बच सकें। 

-सिर पर टोपी या हैट लगाएं, जिससे बाल रंगों के दुष्प्रभाव से बचे। 

-बच्चों को गुब्बारों से खेलने के लिए उत्साहित न करें, क्योंकि गुब्बारे आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

-अपने रंग लगे हाथों को आंखों के पास न ले जाएं। आंखों को मसलने या रगड़ने की गलती भी न करें।

-चेहरे पर कोल्ड क्रीम लगाएं ताकि रंग आसानी से निकल जाए।

-यदि आंखों में कोई रंग चला जाए तो तुरंत पानी के छीटे मारें। जागरण



See More

 
Top