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देहरादून  : 08 मार्च , 2016

सीडब्ल्यूई रेसलिंग जीतने वाले द ग्रेट खली की पोल खुल गई है। यह सब फिल्मी होता है। ऊंचे-लंबे कद, बड़े शरीर और रिंग में एक दूसरे को पटक-पटक कर फेंकना। हर चीज पहले से निर्धारित होती है। रेसलिंग की यह सारी पोल लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में हुई सीडब्ल्यूई रेसलिंग समागम में खुली। पहलवान दूसरे पहलवान को मारने के लिए हाथ तो काफी दूर और जोर से लाता है लेकिन जब हाथ उक्त पहलवान को लगता था तो काफी धीरे लगता था। इसे देख रेसलिंग के दीवाने हक्के-बक्के रह गए। पहलवान पहले अंदर से प्रेक्टिस करके आते हैं और रिंग में पहुंचकर उसी तरीके से लड़ाई लड़ते हैं। अंदर एक दूसरे के साथ हाथों में हाथ डालकर दोस्ती निभाई जाती थी और रिंग में एक दूसरे के साथ दुश्मनी। ऐसा ही हाल खली और ब्राडी स्टील की लड़ाई का भी था। महिला सुमन शर्मा ने बताया कि उनका बच्चा हमेशा डब्ल्यूडब्ल्यूई टीवी पर देखता है। चाहे पहलवान असली लड़ाई न करते हों लेकिन उनका बच्चा कई बार स्टंट करने की कोशिश में काफी चोटें खा चुका है, वह इसलिए रेसलिंग देखने के लिए आए हैं कि बच्चों को इनकी सच्चाई से रूबरू करवाया जाए।

गौरतलब है कि गुरु नानक स्टेडियम में आयोजित सीडबल्यूई द ग्रेट खली रिटर्न में शनिवार रात झमाझम बारिश के बीच हुए मुकाबले में द ग्रेट खली ने कनाडा के पहलवान ब्राडी स्टील को सात मिनट में मात दे दी थी। शुरुआती दौर में ब्राडी स्टील खली पर भारी पड़े, लेकिन बाद में बाजी पलट गई। लोग खूब झूमे थे। अमर उजाला


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