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रुड़की: 13 मार्च , 2016

टायलेट के बहाने मंगलौर के पास एंबुलेंस रुकवाकर गंगनहर में कूद गया। परिजन लगाते रहे गुहार, दो घंटे बाद तक नहीं पहुंचे गोताखोर। उपचार के लिए आया था रामदेव के पतंजलि योगपीठ।

हरिद्वार के मंगलौर के पास कैंसर पीड़ित एक व्यक्ति ने गंगनहर में छलांग लगा दी। वह उपचार के लिए परिजनों के साथ सोनीपत से हरिद्वार आया था, जहां से लौटते समय टायलेट के बहाने मंगलौर के पास एंबुलेंस रुकवाकर गंगनहर में कूद गया। उसे बचाने के लिए पत्नी ने भी गंगनहर में छलांग लगाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने उसे रोक लिया। घटना के दो घंटे बाद तक परिजन गोताखोर के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन वे नहीं पहुंचे।

जानकारी के अनुसार अशोक (42) पुत्र धर्मसिंह पिछले डेढ़ साल से लीवर कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था। काफी उपचार के बाद लाचार होकर वह शनिवार को बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ पहुंचा था।

उसके साथ पत्नी बबिता, भाई सतीश के अलावा एक बहन और भतीजा भी आया था। परिजनों के अनुसार हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ से दवा लेकर लौटते समय अशोक निराश और हताश था। बार-बार वह टायलेट की बात कहकर नहर के किनारे एंबुलेंस रुकवाने की बात कह रहा था। जैसे ही मंगलौर के पास नहर किनारे एंबुलेंस के चालक ने वाहन रोका तो अशोक ने नहर में छलांग लगा दी।  अमर उजाला



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