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हल्द्वानी: 13 मार्च , 2016

पांच साल तक प्रेम-प्रसंग के बाद शीतला देवी मंदिर में चोरी छिपे विवाह। कई साल साथ रहने के दौरान साथ-जीने मरने की कसमें और अब फौजी का शादी से इन्कार। इससे परेशान महिला न्याय के लिए थाने-चौकियों के चक्कर काट रही है। मामला महिला ऐच्छिक ब्यूरो पहुंचा तो दोनों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। हालांकि, यहां फौजी शादी से साफ मुकर गया और महिला को दोस्त बताने लगा। ऐच्छिक ब्यूरो ने अब इन्हें अगली तिथि पर बुलाया है।

मामला ऊधमसिंह नगर जिले के गूलरभोज का है। महिला ने ऐच्छिक ब्यूरो को बताया कि दोनों ने साथ एक स्कूल से पढ़ा। साल 2007 में उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। इसी दौरान युवक का चयन कुमाऊं रेजीमेंट में हो गया। वर्ष 2012 में दोनों ने शीतला देवी मंदिर में विवाह रचाया।


युवक ने किसी को इस बारे में बताने से मना कर दिया और घरवालों को समझा कर समाज के सामने शादी का आश्वासन दिया। उस समय महिला हल्द्वानी में एक निजी कालेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी। युवक ने उसका हॉस्टल भी छुड़वा कर किराये में कमरा दिलवाया। साथ ही खर्च उठाने लगा। इस दौरान जब भी फौजी छुट्टी लेकर आता तो दंपती की तरह ही दोनों साथ रहते।


महिला ने दवाई खिलाकर गर्भपात कराने का भी आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक नर्सिंग की ट्रेनिंग करने के बाद वह देहरादून में नौकरी करने लगी। वह जब भी फौजी से घर ले जाने के लिए कहती तो वह टाल देता। आरोप है कि दिसंबर 2015 को फौजी ने गाली-गलौच कर शादी से इन्कार कर दिया। साथ ही पर्सनल फोटो व क्लीपिंग सोशल मीडिया के जरिये सार्वजनिक करने की धमकियां देने लगा।

इस संबंध में महिला ऐच्छिक ब्यूरो की जिला प्रभारी सुमन पंत ने बताया कि महिला की शिकायत पर दोनों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। महिला ने अपनी व फौजी के बीच की बातचीत के कई रिकार्डिग व मैसेज दिखाए हैं। इसके अलावा भी फौजी से संबंधों के कई साक्ष्य पेश किए हैं। हालांकि, फौजी ने विवाह से इन्कार किया है। अब दोनों को अगली तिथि देकर बुलाया गया है। जागरण


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