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श्रीनगर गढ़वाल : 10 मार्च , 2016

बिना रुके विश्व की सबसे लंबी दूरी की फ्लाइट को कमान करने वाली क्षमता बाजपेयी के बाद अब उत्तराखंड की एक ओर बेटी वर्तिका जोशी समुद्र का सीना चीरते हुए दुनिया की परिक्रमा पर निकलने जा रही है। लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी 2017 में शुरू हो रहे भारतीय नौसेना के अति महत्वाकांक्षी अभियान सागर परिक्रमा में फाइबर ग्लास निर्मित पाल नौका आइएनएसवी महदेई से विश्व की परिक्रमा पर निकलेंगी। इस अभियान में उनके साथ नौसेना की पांच अन्य महिला अधिकारी भी शामिल होंगी। 

महिला सशक्तीकरण को लेकर पाल नौका में सागर परिक्रमा करने वाली इन छह महिला नौ सेना अधिकारियों में से पांच का चयन हो चुका है। शेष एक का चयन भी शीघ्र किया जाएगा। इसी सागर परिक्रमा अभियान के प्रशिक्षण को लेकर लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में चयनित पांचों महिला नौ सेना अधिकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पाल नौका से विशाखापत्तनम से गोवा तक की तीन हजार मील की दूरी भी की। 

वर्तिका के पिता प्रो.पीके जोशी गढ़वाल विवि श्रीनगर में शिक्षा विभाग और माता डॉ. कल्पना जोशी ऋषिकेश महाविद्यालय के हिंदी विभाग में कार्यरत हैं। वर्तिका की प्रारंभिक शिक्षा श्रीनगर के सेंट थैरेसास कॉन्वेंट स्कूल से हुई और इसके बाद उन्होंने आइआइटी दिल्ली से इंजीनियरिंग कर भारतीय नौ सेना ज्वाइन की। रियो डि जेनेरियो से दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर तक के पांच हजार नॉटिकल माइल्स के नौसेना समुद्री अभियान को भी वर्तिका सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुकी हैं।

अब 2017 में भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में पाल नौका आइएनएसवी महदेई से बिना रुके विश्व की परिक्रमा पर निकलेंगी। इसके लिए पिछले एक साल से उन्हें नौसेना कमांडर दिलीप डोंडे के नेतृत्व में कठोर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तिका के पिता प्रो. पीके जोशी ने बताया कि सागर परिक्रमा की तिथि नौ सेना जल्द घोषित करेगी। इस सफर के लिए लेफ्टिनेंट प्रतिभा जायवाल, लेफ्टिनेंट पी. स्वाति, लेफ्टिनेंट विजया देवी व लेफ्टिनेंट पायल गुप्ता का चयन हो चुका है। अन्य नौसेना अधिकारी हिमाचल प्रदेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों से हैं।  जागरण




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