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देहरादून :  26 मार्च , 2016

सीएम का स्टिंग सियासी घमासान में लेकर आया नया भूचाल।
इसके पहले दो और स्टिंग हो चुके हैं कार्यकाल में।
सियासत के खिलाड़ी को भारी पड़ेगा स्टिंग।

सरकार की विश्वसनीयता को एक बार फिर स्टिंग ने संकट खड़ा कर दिया है। पहले भी स्टिंग का दंश झेल चुकी सरकार अब से पहले हुए ऐसे प्रकरणों से पैदा सियासी उफान को हल्के में ले गई। हरीश रावत सरकार में आबकारी सचिव के स्टिंग के बाद बसपा विधायक के एक विधायक का स्टिंग हुआ।

अब सियासी घमासान के बीच आए स्टिंग ने हरीश रावत के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। हार्स ट्रेडिंग का जो आरोप कांग्रेस जिस भाजपा पर चिपका रही थी वह अब स्टिंग के बाद कांग्रेस के हाथ पर चस्पा हो गया।

स्टिंग ने सियासी तूफान को एक हद तक बागियों के पक्ष में लाकर खड़ा कर दिया है। हैरानी यह भी है कि हरीश रावत खुद जिस स्टिंग का शिकार हुए वह भी इसी मीडिया हाउस से जुड़े लोगों का था जिन्होंने कांग्रेस सरकार में पहले दो बार सरकार स्टिंग किया है। अमर उजाला  


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