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देहरादून: 13 मार्च , 2016

हनी' और 'बेबी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल बतौर प्यार और स्नेह दिखाने के लिए होता रहा है, लेकिन अगली बार से आप इन शब्दों का इस्तेमाल सोच समझकर करिएगा। अगर नहीं किया तो जेल भी जाना पड़ सकता है। कम से कम उत्तराखंड में ऐसा हो सकता है।

दरअसल, राज्य के महिला आयोग को महिलाओं की तरफ से 1,118 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं और इनमें से ज्यादातर हैरसमेंट के मामलों से संबंधित हैं। इन्हीं शिकायतों के बाद यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी महिला का नाम लेना, लगातार अपमानजनक टिप्पणियां करना, कमेंट्स और जोक्स, आपत्तिजनक तस्वीरें या मेसेज दिखाना और किसी महिला की निजी जिंदगी के बारे में अफवाह फैलाना जैसे सभी कार्य हैरसमेंट के तहत आते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कमेंट्स करना या आपत्तिजनक हाव-भाव का प्रदर्शन करने को लेकर आईपीसी की धारा 509 के तहत एक साल तक की सजा हो सकती है।

राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन सरोजिनी कैंतुरा ने कहा, 'हम लड़कों को यह बताना चाहते हैं कि वे लड़कियों से कैसे बर्ताव करें और साथ ही लड़कियों को इस बात की जानकारी देना चाहते हैं कि लड़के कब लिमिट क्रॉस कर रहे हैं।' आयोग राज्य के विभिन्न स्कूलों में इस मुद्दे पर जागरुकता फैलाने के लिए स्पेशल कैंप्स का आयोजन करने पर भी विचार कर रहा है।  नवभारत


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