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काशीपुर : 16 मार्च , 2016

एक तरफ जहां देश के बैंक विजय माल्या के नौ हजार करोड़ रुपये लेकर देश छोडऩे के बाद फजीहत झेल रहे हैं वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने अपने ग्राहकों से ऋण वसूली के लिए गांधीगीरी का रास्ता अपनाया है। मंगलवार को बैंक के अधिकारियों ने शहर में करीब आधा दर्जन बड़े बकाएदारों के घर धरना दिया और ऋण चुकाने की अपील की।

पीएनबी ने शहर के बीआर पेपर प्राइवेट लिमिटेड, जेब्रा जिपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मनोकामना स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड, सनसाइन इंडस्ट्रीज और श्री राम गारमेंट्स आदि को करोड़ों रुपये का ऋण दिया था। कंपनियों ने ऋण का उपयोग तो अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए किया लेकिन उसे चुकाने की जहमत नहीं उठाई। बार-बार कहने के बावजूद जब ग्राहकों ने ऋण नहीं चुकाया तो बैंक प्रशासन ने गांधीगीरी का रास्ता अपनाने की रणनीति बनाई।

इसी रणनीति के तहत मंगलवार को पीएनबी के एजीएम पीके पाठक के नेतृत्व में काशीपुर मंडल के मुख्य प्रबंधक महेश चंद्रा, वरिष्ठ प्रबंधक महेश चंद्र शर्मा और कैप्टन राणा, प्रबंधक स्वेता व अन्य अधिकारी बकाएदारों के घर पहुंचे। उन्होंने बकाएदारों के परिजनों से मुलाकात की और उनसे बैंक का ऋण चुकाने का अनुरोध किया। 

अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि यह पैसा आम जनता का है। इसे समय से चुकता कर वे राष्ट्र के विकास में सहयोग दें। बकाएदारों के परिजनों से सकारात्मक जवाब न मिलने पर बैंक अधिकारियों ने सभी के दरवाजे पर आधे से एक घंटे तक धरना भी दिया। बैंक अधिकारियों ने कहा कि ऋण न जमा करने वालों के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जागरण


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