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देहरादून: 24 अप्रैल  , 2016

उत्तराखंड हाई कोर्ट द्वारा प्रदेश में राष्ट्रपति शासन हटाने और मुख्यमंत्री की कुर्सी वापस दिए जाने के बाद हरीश रावत अपने काम में जुट गए हैं। उन्होंने गुरुवार रात को कैबिनेट की बैठक बुलाई। इन बैठकों के बारे में बताते हुए उन्होंने शुक्रवार को बताया, '11 अहम फैसले लिए गए।'

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों को जल्द लागू किया जाएगा और इस पर तेजी से पालन होगा। हालांकि CM रावत आनन-फानन में बहुत सारा काम निपटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खबरों के मुताबिक राज्यपाल के. के. पॉल ने कथित तौर से इस पर सवाल उठाया है। राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि गवर्नर का संकेत प्रदेश के 'उलझे हुए राजनैतिक हालात में रावत की जल्दबाजी' की तरफ था।<

 प्रदेश में राष्ट्रपति शासन हटाए जाने का आदेश देते हुए गुरुवार को उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कहा था कि पिछले महीने केंद्र ने गलत तरीके से राज्य सरकार को हटाया था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि इस मामले में केंद्र ने राष्ट्रपति शासन का गलत इस्तेमाल किया। कोर्ट ने यह भी कहा था कि राष्ट्रपति शासन लगाकर केंद्र को राज्यपाल के माध्यम से उत्तराखंड चलाने का मौका मिल गया।

अदालत के इस फैसले से केंद्र की काफी किरकिरी हुई है। जजों ने केंद्र द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर काफी सख्त टिप्पणियां की थीं। इस फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार आज सुप्रीम कोर्ट गई है। उसका कहना है कि हरीश रावत द्वारा विधानसभा में बहुमत खो दिए जाने के कारण प्रदेश की कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी और ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना जरूरी हो गया था। हरीश रावत को 29 अप्रैल के दिन अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया गया है। नवभारत


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