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देहरादून: 17 अप्रैल  , 2016

राष्ट्रपति शासन के बीच उत्तराखंड में मचे सियासी घमासान में कांग्रेस फिलहाल दल बदल कानून के तहत नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त होने को अपना सबसे मजबूत पक्ष मान कर चल रही है।

भाजपा विधायक भीमलाल की सदस्यता को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के स्तर से अभी फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में अब अगर कांग्रेस सेंधमारी से बची रही तो बहुमत परीक्षण को पार पाने को कांग्रेस की पूरी उम्मीद है।

दल बदल कानून के तहत की गई कार्यवाही को कांग्रेस के बागी विधायक चुनौती दे चुके हैं। इतना होने पर भी कांग्रेस को पूरा विश्वास है कि विधानसभा अध्यक्ष का फैसला अगली परीक्षाओं में भी खरा साबित होगा। खुद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इसी को मुख्य आधार भी मान रहे हैं।

रावत भाजपा से यह सवाल भी पूछ रहे कि दल बदल कानून के तहत नौ विधायकों की सदस्यता समाप्त होने के बाद भाजपा किस तरह से सरकार बनाने का दावा कर रही है। तकनीकि रूप से इस समय नौ विधायकों की सदस्यता समाप्त हो चुकी है और इनके निर्वाचन क्षेत्रों को रिक्त घोषित किया जा चुका है। अमर उजाला


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