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देहरादून  : 24 अप्रैल  , 2016

स्थायी सरकार की नहीं, अब कार्यवाहक बनने की लड़ाई
कांग्रेस : सरकार बनाने के बाद विधानसभा भंग कर चुनाव घोषित कर दिए जाएं
भाजपा : भाजपा सरकार में चुनाव हों या राज्यपाल शासन में हो चुनावी शंखनाद

करीब डेढ़ महीने बाद अब प्रदेश की राजनीति करवट बदलती दिख रही है। भाजपा और कांग्रेस को सरकार की चाह कम और कार्यवाहक सरकार बनकर अपने शासनकाल में चुनाव कराने की कोशिश ज्यादा है। 

इस मामले में दोनों दलों की मनोस्थिति एक समान दिख रही है। दोनों के ही रणनीतिकार मान रहे हैं कि किसी तरह से सरकार का गठन कर कुछ दिन बाद विधानसभा भंग करके खुद के राज में विधानसभा चुनाव करा लिए जाएं। 

एक-दूसरे विकल्प पर भी काम कर रही भाजपा
भाजपा एक-दूसरे विकल्प पर भी काम कर रही है। यदि उसकी (भाजपा) सरकार नहीं बनती तो राज्यपाल शासन में चुनाव हों। क्योंकि यदि समय पर भी चुनाव होते हैं तो भी सीमित समय है। 

विगत 21 अप्रैल को हाईकोर्ट ने जब राष्ट्रपति शासन खारिज किया तो बगैर किसी लिखित आदेश के हरीश रावत कुर्सी पर विराजमान हो गए। समझा गया कि अब राजनीतिक उठापटक बंद हो जाएगी, लेकिन यह आभास कम ही लोगो को था कि यह जल्दबाजी खेल भी बिगाड़ सकती है। अमर उजाला


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