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टिहरी: 24 अप्रैल  , 2016

कम बारिश और बर्फबारी का असर टिहरी झील पर भी पड़ा है। वर्ष 2006 में बनी झील में पहली बार अप्रैल में जल स्तर 760 मीटर से घटकर 743.5 मीटर पर आ गया है। आमतौर पर यह स्थिति मई में आती है, जब झील अपने न्यूनतम जल स्तर 740 मीटर पर रहती है। यही वजह है कि अप्रैल में उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लिए झील से औसतन 140 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया, जबकि सामान्य स्थितियों में यह मात्रा 200 क्यूमेक्स रहती है।

टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) के महाप्रबंधक एचएल अरोड़ा ने बताया कि मौसम का असर टिहरी बांध की झील पर भी नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि आमतौर अप्रैल में झील का जल स्तर 760 मीटर के आसपास रहता है, लेकिन इस बार इसमें 16 मीटर की कमी दर्ज की गई है। महाप्रबंधक अरोड़ा के अनुसार शनिवार को झील में भागीरथी और भिलंगना नदियों से 65 क्यूमेक्स पानी आया है, जबकि झील से  140 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया। अरोड़ा ने कहा कि फिलहाल तो स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सबकुछ मौसम पर निर्भर करता है। 

विद्युत उत्पादन पर भी पड़ा असर

झील में पानी की कमी का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ रहा है। टीएचडीसी के महाप्रबंधक एचएल अरोड़ा ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में प्रतिदिन औसतन 7.5 से आठ मिलियन यूनिट का उत्पादन किया गया था। वहीं इस माह यह औसत छह मिलियन यूनिट के आसपास रहा। जागरण


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