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देहरादून: 27 मई, 2016

राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जहां हायतौबा मची हुई है। दोनों पार्टियों के नेताओं को यही नहीं सूझ रहा कि बतौर प्रत्याशी किसका चयन किया जाए। वहीं राज्य के 88 फीसदी कांग्रेसियों का मानना है कि राज्यसभा सीट के लिए प्रत्याशी पैराशूट न होकर स्थानीय होना चाहिए।

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पार्टी की आइटी सेल की ओर से ट्विटर पर किए गए सर्वे में 88 फीसदी कांग्रेसियों का कहना है कि राज्यसभा सीट के लिए पैराशूट प्रत्याशी की जगह स्थानीय नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जबकि 12 फीसदी कांग्रेसियों ने ट्विटर पर अपनी राय जाहिर की है कि स्थानीय की जगह राज्यसभा प्रत्याशी बाहरी होना चाहिए। प्रत्याशी चुनने का अधिकार केंद्रीय आलाकमान को ही होना चाहिए।

ट्विटर पर कराया सर्वे
ट्विटर के जरिए कराए गए इस सर्वे से यह बात साफतौर पर साबित होती है कि राज्यसभा चुनाव में केंद्रीय आलाकमान को स्थानीय नेताओं को तवज्जो देनी चाहिए। ट्विटर पर वोटिंग करने वाले कांग्रेसियों का मानना है कि स्थानीय नेताओं को राज्यसभा सांसद बनाए जाने से वह बेहतर तरीके से विकास कार्यों को कराया जा सकता है।

कारण कि उन्हें राज्य की भौगोलिक और सामाजिक स्थितियों में बेहतर जानकारी होगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि पार्टी की मासिक बैठक में उन्हें पार्टी प्रत्याशी बनाए जाने का प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन, साफतौर पर मना कर दिया। अब केंद्रीय पार्टी आलाकमान ही प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा। अमर उजाला


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