.

.



देहरादून : 05 मई, 2016

दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में तैनात बीमार व विकलांग शिक्षकों के तबादलों के आवेदनों पर सुनवाई न होने पर राज्यपाल डॉ. केके पाल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए इसे असंवेदनशील व्यवहार बताया। शिक्षा सचिव को दिए निर्देश में उन्होंने कहा कि ऐसे सभी मामलों में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाए।

सिविल सचिवालय में जनसमस्याओं की सुनवाई के दौरान राज्यपाल के सामने इस तरह के कई मामले सामने आए। उन्होंने कहा कि कई शिक्षक विकलांग और गंभीर रूप से बीमार हैं।

संविदा कर्मियों का मुद्दा भी उठा
शिक्षकों के पास पर्याप्त प्रमाण भी मौजूद हैं, इसके बावजूद दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में वर्षों से तैनात इन शिक्षकों के तबादले संबंधी आवेदनों पर विभाग की ओर से कोई विचार नहीं किया जा रहा है। राज्यपाल के सामने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढ़वाल के संविदा कर्मियों का प्रकरण भी लाया गया।

मेडिकल कॉलेज संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष ने राज्यपाल से निवेदन किया कि मेडिकल कॉलेज में पांच वर्ष की संविदा सेवा पूर्ण कर चुके कर्मियों को नियमित किया जाए। राज्यपाल ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इस संदर्भ में परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

राजकीय वाहन चालक महासंघ सहित अन्य कई संगठनों ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर समस्याएं रखीं। व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर भी कई लोगों ने राज्यपाल से भेंट की। जिनके निस्तारण के संदर्भ में राज्यपाल ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नागेश्वर राव ने भी राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें विश्वविद्यालय की प्रगति और गतिविधियों से अवगत कराया।  अमर उजाला


See More

 
Top