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पौड़ी  :  27 जून , 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के जरिए वर्षा जल संरक्षण के लिए देशवासियों के सामने कोटद्वार निवासी संतोष नेगी का उदाहरण पेश किया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के जरिए वर्षा जल संरक्षण के लिए देशवासियों के सामने कोटद्वार निवासी संतोष नेगी का उदाहरण पेश किया। नेगी पौड़ी जिले के राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में गणित के शिक्षक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक संतोष नेगी वर्षा जल संरक्षण की मुहिम चला रहे हैं, जिससे देशवासियों को सीख लेनी चाहिए।

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के दौरान बताया कि कोटद्वार के शिक्षक संतोष नेगी ने उन्हें फोन करके जल संचय करने का एक अनुभव साझा किया, जो देशवासियों के काम आएगा। शिक्षक संतोष नेगी ने प्रधानमंत्री को बताया कि उन्होंने विद्यालय में खेल मैदान में वर्षा जल संचयन के लिए करीब दो सौ छोटे-छोटे गड्ढे बनाए हैं। बारिश होने पर वर्षा जल इन गड्ढों में एकत्रित होकर व भूर्गभ में पहुंचेगा। बता दें कि 'दैनिक जागरण' ने वर्षा जल संचयन की मुहिम के तहत शिक्षक संतोष नेगी की पहल को 10 जून के अंक में 'द्रोण की निगहबानी में सुधर रहा भविष्य' शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसको संतोष नेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया।


प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के जरिए शिक्षक संतोष नेगी को बधाई देते हुए कहा कि आपने पहाड़ी इलाके में जल संरक्षण का उदाहरण पेश किया है। कहा कि देशवासी बारिश का मजा तो जरूर लें, लेकिन याद रखें कि ये परमात्मा का दिया हुआ प्रसाद अपरंपार संपत्ति है। इसलिए बारिश की एक-एक बूंद को बचाने के लिए हम कुछ न कुछ प्रयास जरूर करें।


सोचें कि गांव का पानी गांव में और शहर का पानी शहर में कैसे रुके। धरती को फिर से रिचार्ज करने के लिए बारिश का पानी जमीन में कैसे भेजें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जल है, तभी तो कल है।' जल ही तो जीवन का आधार है। खुशी की बात है कि पूरे देश में वर्षा जल संरक्षण के लिए माहौल बना है। आखिर में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शिक्षक संतोष से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। जागरण



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