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देहरादून  :  27 जून , 2016

बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने अहम कदम उठाया है। इसके लिए अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर के बजाए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
देहरादून, बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने अहम कदम उठाया है। इसके लिए अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर के बजाए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। हाल ही में हुई यूपीसीएल निदेशक मंडल की बैठक में इस योजना पर मुहर लग गई है। जल्द ही तीन लाख मीटर खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। शुरुआत में नए कनेक्शनधारकों के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, बाद में अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीटर भी बदले जाएंगे। 


वर्तमान में सूबे का लाइन लॉस 18 फीसद है, सबसे ज्यादा लाइन लॉस बिजली चोरी से हो रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत भी लाइन लॉस में अपेक्षित कमी न आने पर नाराजगी जता चुके हैं। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने यूपीसीएल से वर्ष 2015-16 में लाइन लॉस 15 फीसद तक लाने को कहा था, लेकिन एक साल के भीतर लाइन लॉस 19.40 से सिर्फ 18 फीसद तक लाया जा सका। अब यूपीसीएल ने केंद्र की उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस (उदय) योजना अपनाई है, जिसके तहत 2019 तक लाइन लॉस को 14.5 फीसद पर लाना है। यूईआरसी ने भी यह लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए यूपीसीएल अब स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बना रहा है। शुक्रवार को हुई यूपीसीएल की बोर्ड बैठक में इसे मंजूरी भी दे दी गई। 

स्मार्ट मीटर में हैं ये फीचर्स

यह पता चल सकेगा कि कितनी बिजली की खपत हुई और बिलिंग कितनी बिजली की हुई।
निश्चित अवधि में बिल जमा न होने और मीटर से छेड़छाड़ होने पर बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो जाएगी।
कनेक्शन की क्षमता से अधिक बिजली खर्च होने पर भी आपूर्ति बंद हो जाएगी।
बिजली की कमी होने पर कंट्रोल रूम से ही उपभोक्ता का लोड कम किया जा सकता है
स्मार्ट मीटर प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है।

आशीर्वाद फीडर बन रहा स्मार्ट 
वसंत विहार सब स्टेशन के आशीर्वाद फीडर को स्मार्ट बनाने की कवायद चल भी रही है। इसके लिए टेंडर भी हो चुके हैं। जल्द ही इस क्षेत्र के कनेक्शन धारकों के यहां स्मार्ट मीटर लगने शुरू हो जाएंगे। स्मार्ट मीटर लगाने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हो गया है। इससे बिजली चोरी रुकेगी और लाइन लॉस कम होगा। बिजली व्यवस्था भी और बेहतर बनेगी। जागरण


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