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अल्मोड़ा न्यूज़ : 21 जुलाई , 2016

कुमाऊं में दो दिन से बारिश थमे होने के बावजूद लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रहीं हैं। प्रशासन ने मुख्य सड़कें तो खुलवा दीं, लेकिन आंतरिक और संपर्क मार्ग न खुलने से ग्रामीण पैदल चलने को मजबूर हैं।

अल्मोड़ा के आपदा कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के मुतबिक सोमेश्वर-द्वाराहाट मार्ग बिंता के पास बंद है। पुल टूटने के कारण यातायात बंद है। लोगों को रानीखेत होते हुए आना-जाना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक खामियाजा बिंता के आसपास के लोगों को उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा खूंट-काकड़ीघाट, बरसीमी-पातलीबगड़, बसौली-नाइटहौल, शेराघाट-कुंजकिमौला और मनथागर बनथों मार्ग समेत छह मार्ग बंद हैं। इन सड़कों के 2-3 दिन में खुलने की संभावना जताई जा रही है।

पोखरखाली में सड़क टूटने से परेशानी
अल्मोड़ा में मालरोड से एनटीडी को जोड़ने वाली मुख्य आंतरिक सड़क जेल रोड पोखरखाली के पास टूटने बड़े वाहनों के लिए बंद है। इस कारण एनटीडी, हीराडुंगरी के लोगों को भारी दिक्कत हो रही है।

मुनस्यारी, धारचूला और डीडीहाट में तीन मार्ग बंद
पिथौरागढ़ में तवाघाट पांगला मार्ग बंद है। तवाघाट-कंजोती, सोबला मार्ग भी खेत के पास दो सप्ताह से बंद बंद पड़ा है। सोबला मार्ग बंद होने से दारमा के दर, तिजम, उम्तिया, वतन सहित 14 गांवों को आवागमन में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। इन सड़कों को खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन प्रयास कर रही है। इधर क्षेत्र में बसे गर्बाधार, जिप्ती, गाला, मालपा, बूंदी, गर्बयांग सहित कई गांवों का संपर्क शेष जगत से टूट गया है।

बागेश्वर में दस सड़कें अभी बंद
बागेश्वर जिले में कपकोट तहसील की सड़कें सर्वाधिक प्रभावित हैं। यहां की धालन-खुनौली-माजखेत, पोंथिग-उछात, भनार-लाथी-नामतीचेटाबगड़, रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-कर्मी, शामा-नौकुड़ी, बैड़ा-मझेड़ा मोटर मार्ग अब भी बंद हैं। गरुड़ तहसील में हरिनगरी-पय्यां तथा बैजनाथ-तिलसारी मोटर मार्ग भी मलबा आने से बंद पड़ा है। वहीं कांडा तहसील में सुनारगांव को जाने वाला मार्ग अब तक सुचारू नहीं हो पाया है। दानपुर क्षेत्र की सड़कें बंद होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। दूरस्थ गांवों से लोग पैदल चलकर तहसील मुख्यालय जरुरी काम निपटाने आ रहे हैं।

चम्पावत में नहीं खुलीं 10 सड़कें
चम्पावत में 10 आंतरिक सड़कें चार दिन बाद भी नहीं खोली जा सकी हैं। जिलाधिकारी डॉ. अहमद इकबाल ने लोनिवि को 12 घण्टे के भीतर बन्द पड़ी सभी सड़कों को खोलने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि बीते शनिवार व रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण जिले की 24 सड़कें मलबा आने से बन्द हो गई थीं। इनमें से 12 सड़कों को यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया है। गुरूवार तक लोक निर्माण विभाग की गल्लागांव- देवलीमाफी, तड़ीगांव-इन्द्रपुरी, दियारतोली-बांस-बेट्टा, बांकू-सुल्ला-पासम, चम्पावत की रीठा-अमोड़ी, धौन-द् यूरी, पीएमजीएसवाई चम्पावत की हरम -रमैला, धौन-सल्ली, अमोड़ी-छतकोट, एनएच से खटोली मल्ली की सड़के बंद थीं।

बोल्डर आने से दो घंटे फंसा रहा कैलास यात्रा दल
क्षेत्र मे हुई बारिश के बाद तवाघाट-पांगला मोटर मार्ग में बोल्डर आने से ऐलागाड़ पुल के पास बंद हो गया। इस दौरान कैलास मानसरोवर यात्रा को जा रहा दसवां दल दो घंटे तक फंसा रहा।
बुधवार को कैलास मानसरोवर यात्रा के दसवें दल को आधार शिविर धारचूला से पांगला होते हुए अपने अगले पड़ाव सिर्खा पहुंचना था। सुबह आठ बजे दल धारचूला से रवाना हुआ। नौ बजे दल के यात्री ऐलागाड़ पुल के समीप बोल्डर आने के कारण दो घंटे तक जाम में फंसे रहे।

मोटर मार्ग के बंद होने के सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची ग्रेफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मोटर मार्ग खोला। जिसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरु हो पाई। ग्रेफ के कमांडिंग अधिकारी मनीष नारायण ने कहा कि सूचना मिलते ही उनकी टीम मोटर मार्ग को खोलने में जुट गई। उन्होंने कहा दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बोल्डर को हटाया जा सका। जिसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। जाम में फंसे कैलास यात्रा दल में 32 पुरूष और नौ महिलाएं सहित 41 यात्री शामिल रहे। खेत के पास पिछले 15 दिनों से मोटर मार्ग बंद होने से कैलास यात्रियों को पांगला के रास्ते भेजा जा रहा है।  हिंदुस्तान


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