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ऋषिकेश न्यूज़   : 16 जुलाई , 2016

जाने-माने सारंगी वादक कमाल साबरी ने मजहब की आड़ में राजनीति करने वालों को कड़ा संदेश दिया है। तीर्थनगरी में साबरी ने दो टूक कहा सूर्य नमस्कार करने से अल्लाह खुश होगा।  सूर्य नमस्कार करने से अल्लाह को बुरा नहीं लगता है। क्योंकि सूर्य भी अल्लाह ने ही बनाया है। भगवान की हर बनाई चीज इंसानों के लिए है। मजहब की आड़ में राजनीति चमकाने वाले सूर्य नमस्कार का विरोध कर सकते हैं। कहा शास्त्रीय संगीत से मन के विचारों को शुद्ध करके ईश्वर की अनुभूति की जा सकती है।

सारंगी को दुनिया के कोने में पहचान दिला चुके मशहूर सारंगी वादक साबरी परिवार के सातवें पीढ़ी के सारंगी वादक कमाल साबरी इन दिनों तीर्थनगरी ऋषिकेश में हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार लगभग चार सौ सालों से सारंगी को देश-दुनिया में पहुंचा रहा है।

ऑल इंडिया रेडियो सहित फ्रांस, पाकिस्तान, स्विट्जरलैंड, इटली रेडियो के माध्यम से भारतीय सारंगी को पहचान दिला चुके सारंगी वादक कमाल साबरी ने बताया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत में मन के विचारों को शुद्ध करने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में लगातार छह पीढ़ियों ने सारंगी के माध्यम से भारतीय संगीत को नई पहचान दिलाई है।

कमाल साबरी मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर जाकिर हुसैन, फतेह अली खान, हुसाम रामजी के साथ काम कर चुके हैं। कमाल साबरी चीन के राष्ट्रपति और नार्वे के प्रधानमंत्री समेत राष्ट्रपति आर वेंकटरमन और एपीजे अब्दुल कलाम के सामने भी प्रस्तुति दे चुके हैं।

उन्हें संगीत भूषण अवार्ड, यंग मेस्ट्रो अवार्ड, यंग उस्ताद खिताब भी मिल चुका है। वे तिहाड़ जेल में कैदियों को सारंगी के साथ भारतीय संगीत की तालीम भी दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे आजकल अपने छोटे बेटे को सारंगी की तालीम दे रहे हैं, ताकि सारंगी को बचाया जा सके। 

सारंगी वादक कमाल साबरी ने कहा कि आजकल जो गाने बनाए जा रहे हैं। इन गाने से युवा पीढ़ी भ्रमित हो रही है। उन्होंने कहा कि ‘चार बोतल वोटका काम मेरा रोज का’ जैसे गाने बच्चों में गलत आदत डाल रहे हैं। उन्होंने ऐसे भ्रमित करने वाले गानों पर रोक लगाने की मांग की है। माता-पिता को अपने बच्चों को भारतीय संगीत के बारे में बताना चाहिए।

सारंगी वादक कमाल साबरी ने बताया कि शास्त्रीय संगीत को बचाने के लिए वह एक कॉलेज खोलने वाले हैं। आगामी सत्र से दिल्ली विवि में शास्त्रीय संगीत की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। विवि के अधिकारियों से इस बारे में बात हो चुकी है। यदि दिल्ली सरकार भूमि उपलब्ध कराती है तो कॉलेज खोला जाएगा।

उक्त कालेज में बच्चों को भारतीय संगीत की पूरी तालीम दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह देख कर दुख होता कि भारत में शास्त्रीय संगीतकार, सारंगी वादक, तबला वादक आदि में से किसी के नाम से कॉलेज, भवन या सड़क नहीं है। अमर उजाला 



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