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देहरादून  : 08 अगस्त , 2016

सूबे में बारिश के चलते जनजीवन पर असर पड़ा है। गढ़वाल मंडल के कर्णप्रयाग में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आकर युवक की मौत हो गई।

उत्तराखंड में मानसून और तेजी पकड़ेगा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान तो यही कह रहा है। विभाग के मुताबिक राज्य में अनेक स्थानों पर वर्षा की संभावना है। चेतावनी जारी की गई है कि अगले 48 घंटों में देहरादून समेत सात जनपदों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।


उधर, सूबे में बारिश के चलते जनजीवन पर असर पड़ा है। गढ़वाल मंडल के कर्णप्रयाग में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आकर युवक की मौत हो गई। गैरसैण के सारकोट गांव में अतिवृष्टि के चलते पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त होने से गांव का दूसरे हिस्सों से संपर्क कट गया है।


वहीं, चारधाम यात्रा मार्गों के खुलने व बंद होने का क्रम जारी है। तीन दिन से बंद केदारनाथ राजमार्ग अभी नहीं खुल पाया है, जबकि अन्य मार्ग घंटों बाधित रहे। चीन सीमा को जोडऩे वाला मलारी-जोशीमठ मार्ग शाम को खोल दिया गया।

राज्य मौसम केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार सूबे में अच्छी-खासी नमी बरकरार है। साथ ही द्रोणी (लो प्रेशर लाइन) का झुकाव उत्तराखंड की तरफ है। ऐसे में जोरदार बारिश की संभावना है। उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटों में राज्य में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी, हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंहनगर जनपदों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के आसार हैं। लिहाजा, सावधानी बरतने की जरूरत है। 

उधर, राज्य में बारिश ने दुश्वारियां भी बढ़ाई हुई हैं। नदी-नाले उफान पर हैं तो भूस्खलन और बोल्डर खिसने से सांसें अटक रही हैं। चारधाम यात्रा मार्गों के खुलने व बंद होने का क्रम जारी है। सोनप्रयाग और गौरीकुंड के मध्य बंद चल रहा केदारनाथ राजमार्ग तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया।

गंगोत्री और बदरीनाथ राजमार्ग भी घंटों तक बाधित रहे। वहीं, चीन सीमा को जोडऩे वाला मलारी-जोशीमठ मार्ग शाम खोल दिया गया। यह मार्ग सुराईथोट में बंद हो गया था। वहां बीआरओ ने वैकल्पिक मार्ग तैयार किया है। दूसरी ओर, राज्य के ग्रामीण इलाकों में 111 संपर्क मार्ग बंद हैं, जिससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जागरण


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