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नैनीताल   : 11 अगस्त , 2016


नैनीताल, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका देते हुए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित सारे शासनादेश निरस्त कर दिए हैं। कोर्ट के फैसले से छह हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के भविष्य पर संकट आ गया है। अलबत्ता महाधिवक्ता वीबीएस नेगी के अनुसार कोर्ट ने 31 मार्च 2017 तक छात्रों के हित को देखते हुए नियमित नियुक्ति होने तक अतिथि शिक्षकों को बनाए रखने को कहा है।


उधर, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के अनुसार कोर्ट ने अतिथि शिक्षक नियुक्ति की पूरी व्यवस्था को ही असंवैधानिक ठहराते हुए निरस्त कर दिया है।


हल्द्वानी निवासी आलोक परमार व अन्य ने याचिका दायर कर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करने संबंधी शासनादेश को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार द्वारा इसी साल 25 मई को सूबे के माध्यमिक विद्यालयों में एलटी-प्रवक्ता के छह हजार से अधिक पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी शासनादेश जारी किया था।


याचिका में कहा गया था कि इस शासनादेश की वजह से शिक्षक बनने की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के हक प्रभावित हो रहे हैं। वह शिक्षक बनने से वंचित हो रहे हैं, मगर राज्य सरकार द्वारा नए शासनादेश के आधार पर ब्लॉक स्तर पर नियुक्ति दी जा रही है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता वीबीएस नेगी ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विद्यालयों में नियुक्त अतिथि शिक्षकों को बने रहने दिया जाए।

कोर्ट ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित सभी शासनादेश निरस्त कर दिए तथा जहां पर रिक्त पदों पर के सापेक्ष अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, वहां छात्र हितों को देखते हुए उन्हें बनाए रखा जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया है कि किसी भी हाल में जहां योग्य शिक्षक हैं, उनके स्थान पर अतिथि शिक्षक को नियुक्ति न दी जाए, साथ ही जोड़ा कि जरूरत होने पर अनुभवी सेवानिवृत्त शिक्षक को नियुक्ति दी जाए।<

ये शासनादेश हुए निरस्त

-13 अप्रैल-2015-ब्लॉक स्तर पर अतिथि शिक्षकों के लिए रिक्ति की दोगुनी संख्या के पूल की व्यवस्था।

-आठ मई 2015-13 अप्रैल में आरक्षित अभ्यर्थी की अनुपब्धता पर सामान्य को भेजे जाने की व्यवस्था में विलुप्त

-27 मई 2015-एक्स व वाई क्षेत्र के विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति

-चार अगस्त 2015-13 अप्रैल के शासनादेश के प्रावधानों के अधीन अतिथि शिक्षकों को 89 दिन अथवा उससे कम अवधि के लिए तैनात किए जाने की व्यवस्था।

-28 जनवरी 2016- एलटी का परीक्षा परिणाम तीन चरणों में घोषित किया जाना।

-11 अप्रैल-2016- 13 अप्रैल 2015 के शासनादेश के प्रावधानों के अनुसार जिला स्तर पर अतिथि शिक्षकों का पूल गठित करने के संबंध में

-18 अप्रैल 2016-11 अप्रैल का शासनादेश निरस्त किया जाना

-तीन मई-प्रवक्ता एवं एलटी की नियुक्ति के लिए समय सारणी का निर्धारण, अवशेष पदों पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था के निर्देश

-शासनादेश 25 मई 2016-13 अप्रैल 2015 की शेष शर्तों के अधीन अतिथि शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति किए जाने के संबंध में। जागरण


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