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पिथौरागढ़ : 17 अगस्त , 2016


पिथौरागढ़ में एक बार फिर बादल फटा। बादल फटने की सूचना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। तभी एक चमत्कार हुआ और पूरा गांव बच गया।

उत्तराखंड में बारिश का कहर एक बार फिर बरपा है। पिथौरागढ़ में बादल फटने से भारी तबाही हो गई। गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि गांव इस तबाही से बच गया। यह चमत्कार कैसे हुआ। जानिए, इस खबर में। 

पिथौरागढ़ नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। नगर में भी न्यू सेरा के पास मार्ग धसंने से मकान खतरे में आ गया। डाट पुल के पास पानी और मलबा आ जाने से खतरा बना हुआ है। इसी बीच तहसील पिथौरागढ़ के चौक्याल गांव में मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया। इस क्षेत्र में भारी वर्षा हुई। इस दौरान बादल फटने से गांव के पार्श्व में स्थित पहाड़ी से भारी भूस्खलन हो गया। जिसके चलते गांव के निकट नाला पूरा उफान पर आ गया। मौसम के इस रूप को देख कर ग्रामीण सहम गए।

वे मकान छोड़ कर बाहर की तरफ दौड़ने लगे। इस दौरान नाले का रुख बदल जाने से खतरा गांव से 40 मी दूर हो गया। ग्रामीणों के अनुसार इस मौके पर बारिश के शोर और भूस्खलन के दौरान नाले का मलबा खेत में फट गया और गांव के निकट एक पुल और पुलिया बह गयी और मेरा गांव, मेरी सड़क का एक हिस्सा बह गया।


गांव को जाने वाले मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बड़े बड़े बोल्डरों के गिरने से घर थर्राने लग गए। ग्रामीण भयभीत हैं। सुचना मिलते ही जिला मुख्यालय से आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आर एस राणा दल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने बताया की भूस्खलन गांव से कुछ हट कर हुआ, जिससे गांव बच गया। उनका कहना है कि यहां पर छोटे स्तर पर बादल फटने की घटना हुई है।

वहीं, ग्राम प्रधान चंपा कापड़ी का कहना है कि गांव में इस घटना के बाद दहशत फैली हुई है। ग्राम बह चुकी है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ है। खेतों में तैयार फसलों को भारी नुकसान हुआ है। नगर क्षेत्र में दोपहर बाद फिर भारी वर्षा हुई। जिससे न्यू सेरा में मार्ग ध्वस्त हो गया। जागरण



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