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देहरादून : 17 अगस्त , 2016


विभिन्न अध्ययनों और शोधों के मुताबिक  उत्तराखण्ड का हिमालयी क्षेत्र केंद्रीय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और किसी भी समय बेहद शक्तिशाली भूकंप की चपेट में आ सकता है।हालांकि इन रिपोर्ट्स में निश्चित समय का जिक्र नहीं किया गया है। सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञान, प्रौद्योगिकी और भू विज्ञान राज्य मंत्री वाइ. एस. चौधरी ने राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में बताते हुए कहा, 'उत्तराखण्ड का हिमालयी क्षेत्र पर सिंगापुर की भू वेधशाला (अर्थ ऑब्ज़रवेटरी) ने कई शोध पत्र जारी किए हैं, जो बताते हैं कि यह केंद्रीय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है और पिछले 500 सालों के दौरान इस इलाके में कोई भी बड़ा भूकंप नहीं आया है। ऐसे में बड़ी संभावना है कि हाल के वर्षों में किसी बेहद शक्तिशाली भूकंप का सामना करना पड़ जाए।' 

उन्होंने बताया कि वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियॉलजी, देहरादून ने इस इलाके में एक भूकंप निगरानी तंत्र स्थापित किया है, इसके अलावा मल्टी पैरामीट्रिक जिओफिजिकल ऑब्ज़रवेटरी भी तैयार की गई है।  नवभारत


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