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देहरादून  न्यूज़ :  1 अक्टूबर  , 2016


पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना की देशभर में तारीफ़ हो रही है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से अजीत डोभाल हर कदम पर उनके साथ खड़े दिखे हैं। हर रणनीति को तैयार करने में उत्तराखंड के एक और लाल भास्कर खुल्बे का भी अहम रोल रहा है।

मूलतः नैनीताल निवासी भास्कर खुल्बे पीएमओ में सचिव हैं। कहा जा सकता है कि नरेंद्र मोदी के लेफ्ट और राईट हैंड उत्तराखंड के लाल हैं। पीओके में हुए सर्जिकल स्ट्राइक की रणनीति तैयार की उत्तराखंड के लाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने। 

गौरतलब हो कि पीओके में अंजाम ‌दिए गए सर्जिकल ऑपरेशन की निगरानी रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजीत डोभाल और डीजीएमओ ले.जन. रनबीर सिंह कर रहे थे। अजीत डोभाल अटल बिहारी वाजपेई के काफी भरोसेमंद माने जाते थे और अब प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी काफी खास हो गए हैं।

डोभाल जिस तरह से अपने इंटेलीजेंस ऑपरेशंस को अंजाम देते हैं, उसकी वजह से उन्‍हें कुछ लोगों ने भारत का 'जेम्‍स बांड' तक करार देना शुरू कर दिया था।

कुमाऊं के लाल भास्कर खुल्बे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नैनीताल निवासी भास्कर पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। पिछले करीब दो वर्षों से प्रधानमंत्री कार्यालय में एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में सेवा दे रहे भास्कर को कुछ समय पूर्व सचिव पद पर नियुक्ति दी गई। मूलत: तल्लीताल, नैनीताल निवासी भास्कर खुल्बे की शिक्षा-दीक्षा नैनीताल से हुई। 1980 में उन्होंने कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर से बीएससी किया। 1983 बैच के आईएएस भास्कर को बंगाल कैडर मिला। उन्हें पहली नियुक्ति वेस्ट बंगाल फिशरीज कॉरपोरेशन में मिली। इसके बाद उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल (डीओपी) में तैनाती मिली। बाद में वह पश्चिम बंगाल के रेजीडेंट कमिश्नर के रूप में दिल्ली में कार्यरत रहे। लंबे समय तक अलग-अलग पदों पर रहने के बाद 2014 में उन्हें पीएमओ में नियुक्ति मिली। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद बेहद ईमानदार और मेहनती छवि रखने वाले भाष्कर को एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्ति मिली। उनकी पत्नी मीता खुल्बे भी ऑर्डिनेंस सर्विसेज में आईएएस रही हैं। बाद में पारिवारिक कारणों से उन्होंने वीआरएस ले लिया। अमर उजाला


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