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देहरादून न्यूज़ : 14 अक्टूबर  , 2016


उत्तराखंड में त्रिजुगीनारायण से केदारनाथ के रास्ते में जून में केदारनाथ में आई आपदा के दौरान मृत यात्रियों के 15 नरकंकाल मिलने से हड़कंप मच गया है। हिटो केदार अभियान के तहत केदारनाथ के लिए अलग-अलग रुटों पर निकले ट्रेकिंग दलों में एक दल ने त्रियुगीनारायण-केदारनाथ पैदल ट्रेक पर कई नर कंकाल मिलने की बात कही है। दल का कहना है कि यहां 12 से अधिक कंकाल हैं, जो रास्ते से दूर जगह-जगह पर पड़े हुए हैं। माटा द्वारा इस संबंध में शासन को भी अवगत करा दिया गया है। शासन ने पुलिस और एसडीआरएफ की टीम क्षेत्र के लिए रवाना कर दी है। 

सीएम हरीश रावत ने नरकंकाल के दाह संस्कार करने के निर्देश दिए हैं। जून 2013 में आई केदारनाथ आपदा में मारे गए लोगों के कंकाल अब भी मिल रहे हैं। मामला, त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रेक के बीच का है, जहां 12 से अधिक कंकाल पड़े हुए हैं। माटा के अध्यक्ष मनोज रावत ने बताया कि 3 अक्तूबर को शेरसी-झंडीटॉप से केदारनाथ के लिए रवाना हुए ट्रेकिंग दल को खराब मौसम के कारण अपना ट्रेक बदलना पड़ा था।

यह दल तब, 6 अक्तूबर को त्रियुगीनारायण के कुछ दूर तोषी गदेरे में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद 7 अक्तूबर को यहां से केदारनाथ के लिए फिर से रवाना हुए। इस ट्रेक पर किमी 9 से 14 के मध्य रास्ते के ऊपर और नीचे की तरफ दल के सदस्यों को 12 से अधिक कंकाल बिखरे हुए मिले। दल में शामिल अशोक सेमवाल और अतुल जमलोकी ने कंकालों के बारे में पूरी जानकारी दी।

मनोज रावत ने बताया कि बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत से भेंट कर उन्हें पूरी जानकारी दी गई है। सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और एसडीआरएफ को जरूरी निर्देष दिए हैं।रावत ने सीएम का हवाला देते हुए बताया कि सभी  कंकालों का डीएनएल सेंपल के बाद विधि-विधान से दाह संस्कार किया जाएगा। विदित हो कि बीते वर्ष भी केदारनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर नर कंकाल मिले थे। जबकि इस वर्ष मई माह में गौरीकुंड स्थित तर्पण कुंड की सफाई के दौरान दो कंकाल पाए गए।
इधर, पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। लेकिन मौके पर पहुंचकर स्पष्ट हो पाएगा। शासन से मिले निर्देश के तहत एसडीआरएफ के साथ तीन जवान भेज दिए गए हैं। आईजी एसडीआरएफ संजय गुंज्याल ने त्रिजुगीनारायण में नर कंकाल मिलने की पुष्टि की है। अमर उजाला


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