अंग्रेजों ने 1.5 किलोमीटर की सुरंग अपने सैनिकों, हथियारों और गोला-बारूद लाने के लिए बनाई थी. सुरंग फोर्ट के आरबीआई कॉम्प्लेक्स से होकर गुजरती है. ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारी चाहते हैं कि वह इस बात से आश्वस्त हो सकें कि सुरंग में और कोई निकलने का छिपा रास्ता तो नहीं है.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के नीचे बने 18वीं शताब्दी की सुरंग को लेकर आरबीआई इन दिनों चिंता में है. यह सुरंग गेटवे, ब्लू गेट और चर्च गेट की तरफ निकलती है. आरबीआई को चिंता है कि यह सुरंग चोरी या आतंकवादी हमले के लिए इस्तेमाल की जा सकती है.

आरबीआई के सीजीएम गौतम प्रसाद ने इस संबंध में एक पत्र हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक को लिखा है. आरबीआई ने कहा है कि उन्हें भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के साथ इस सुरंग का निरीक्षण करने की अनुमति दी जाए.

सुरंग में जाने का रास्ता सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के वॉर्ड 5 में बना है. यह लकड़ी से ढंका था. सुरंग के अंदर कूड़ा-करकट और समुद्री जल भरा था. सीजीएम ने पत्र लिखकर कहा है कि सुरंग से जान और संपत्ति दोनों को खतरा है.

सुरंग डकैती के लिए प्रयोग की जा सकती है. आतंकवादी हमले के लिए आतंकवादी इसका प्रयोग कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, इससे बिल्डिंग के स्ट्रक्चर को भी खतरा है. नशेबाज, अपराधी और नक्सली सुरंग का प्रयोग करके कॉम्प्लेक्स में आ सकते हैं.

अस्पताल के एमएस डॉ. मधुकर गायकवाड़ ने बताया कि उन्हें आरबीआई का प्रार्थना पत्र मिला है लेकिन सुरंग ऐतिहासिक है, इसलिए वह इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं. उन्हें इस मामले में निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा एवं अनुसंधान से बात करनी होगी.

संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा एवं अनुसंधान टीपी लहाने ने बताया कि राज्य पुरातत्व विभाग की इस मामले में राय मांगी गई है. वह सीधे किसी को भी अनुमति नहीं दे सकते कि वह ऐतिहासिक सुरंग में जाएं.

 



http://ift.tt/2sXjH3f


See More

 
Top