जसपुर: मुर्दों को जिंदा दिखाकर बीमा के लाखों रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने बीमा कंपनी की एक महिला एजेंट को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस प्रकरण की यह 9वीं गिरफ्तारी थी। जांच किए बिना बीमा फार्म पर हस्ताक्षर करना एवं आरोपित महिला एजेंट का कोड प्रयोग होना पुलिस जांच में सामने आया है।

जिंदा दिखाकर बीमा के छह लाख रुपये हड़पे

ग्राम नारायणपुर निवासी रामसिंह पुत्र मक्खन सिंह की मौत तीन वर्ष पूर्व हुई थी। 17 अक्टूबर को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में पाया था कि राम सिंह को जिंदा दिखाकर बीमा के छह लाख रुपये हड़पे गए हैं। इसमें बीमा कंपनी के एजेंट तक शामिल हैं।

जांच अधिकारी कमलेश भट्ट ने सोमवार की शाम मैक्स लाईफ इंश्योरेंस कंपनी की एजेंट डॉ. सुभासिनी चौधरी पत्नी राजेंद्र कुमार निवासी अश्वनी एनक्लेब, जीएमएस रोड देहरादून को पूछताछ के लिए जसपुर कोतवाली बुलाया। महिला ने बीमा फार्म पर हस्ताक्षर करने तथा बीमा के लिए उसका कोड इस्तेमाल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

एसएसआइ कमलेश भट्ट ने बताया कि महिला डॉक्टर ने मृतक राम सिंह का उसकी मृत्यु से तीन वर्ष बाद छह लाख रुपये का बीमा किया गया था। बीमे का क्लेम भी अभियुक्तगण ने प्राप्त कर लिया है।

उन्होंने बताया कि महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी से पूर्व राकेश सैनी, सिमरनजीत, शमशानघाट समिति का लिपिक राजन, नगर पालिका जन्ममृत्यु दर लिपिक रामरतन, जयराम, अजय जाटव, सूबा सिंह, ओमकार सिंह को इस मामले में जेल भेजा जा चुका है।

महिला एजेंट ने बताया देहरादून में उसका अपना क्लीनिक है। उसके कोड तथा हस्ताक्षर से बीमा जरूर हुआ है, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं है। पुलिस चाहे तो आरोपितों को सजा दिलाने के लिए उसे सरकारी गवाह बनाया जा सकता है। इसके लिए वह तैयार है।



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