गुरुवार को किंग अब्दुल्ला और पीएम मोदी के बीच हैदराबाद में कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत होगी. कई मुद्दों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा अहम है. बातचीत में फलस्तीन के मुद्दों के साथ आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने के तरीकों पर बात हो सकती है.

इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को भारत और जॉर्डन के बीच श्रम शक्ति, स्वास्थ्य के क्षेत्र में समझौतों के हस्ताक्षर को मंजूरी दी. पीएम मोदी के साथ विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने से पहले जॉर्डन के किंग राष्ट्रपति भवन पहुंचे. राष्ट्रपति भवन में रामनाथ कोविंद ने और पीएम मोदी ने उनका भव्य स्वागत किया.

विज्ञान भवन में आयोजित इस्लामिक हेरिटेज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जॉर्डन नरेश की इस्लाम की पहचान बनाने में अहम भूमिका है. जॉर्डन का नाम संतों और पैंगबरों की आवाज बनकर दुनिया भर में गूंजा है. इस कार्यक्रम में जॉर्डन के किंग अब्दुल द्वितीय बिन-अल-हुसैन के साथ कई मुस्लिम धर्म गुरु भी मौजूद हैं.

बुधवार (28 मार्च) को किंग जार्डन के टेक्नीकल इंस्टीट्यूट्स में सहयोग बढ़ाने को लेकर आइआइटी दिल्ली गए थे. किंग अब्दुल्ला द्वितीय गुरुवार को इंडियन इस्लामिक सेंटर की ओर से विज्ञान भवन में आयोजित प्रोग्राम में व्याख्यान दिया. इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनके सम्मान में भोज देंगे. इसमें उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ कई गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे.

किंग अब्दुल्लाह द्वितीय बिन अल हुसैन पैगंबर मुहम्मद के 41वीं पीढ़ी के वंशज हैं और उन्हें कट्टरवाद और आतंकवाद से लड़ने के लिए वैश्विक पहल के लिए जाना जाता है. वह अल-अक्सा मस्जिद के संरक्षक भी हैं, जो इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल है. यह मस्जिद यरुशलेम के पुराने शहर में स्थित है.

पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें:-

  • भारत की आबोहवा में सभी धर्मों ने सांस ली है.
  • जॉर्डन नरेश की मौजूदगी गर्व का विषय है.

 



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