हरिद्वार- हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार को एक और झटका दिया. हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष को पुनः अध्यक्ष पद पर बहाल करते हुए उनके पक्ष में फैसला सुनाया है। साथ ही वित्तीय अधिकारों पर प्रदेश सरकार को चार सप्ताह में अपना फैसला देने की बात कही है।

फैसला आने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के समर्थकों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इज़हार किया। वहीं जिला पंचायत अध्यक्षा सविता चौधरी ने इसे न्याय की जीत बताया है।

जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी को पुनः अध्यक्ष पद पर बहाल किया

जिला पंचायत के डाक बंगला में किसान आयोग के अध्यक्ष  व सविता चौधरी की पैरवी कर रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चौधरी राजेन्द्र सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी कि सोमवार को हाईकोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी को पुनः अध्यक्ष पद पर बहाल कर दिया है.

त्रिवेंद्र सरकार को चार सप्ताह में अपना निर्णय देने के लिए कहा

वहीं वित्तीय अधिकारों को लेकर प्रदेश की त्रिवेंद्र सरकार को चार सप्ताह में अपना निर्णय देने के लिए कहा गया है। जबतक प्रदेश सरकार अपना निर्णय नही लेती तब तक जिला पंचायत में भुकतान से सम्बंधित कोई कार्य नही होगा। या ये कहे वित्तीय पावर अभी किसी के हाथ मे नही है।

भ्रष्टाचार के आरोप के चलते किा था निलंबित

गौरतलब हैं कि पिछले लगभग दो माह पूर्व प्रदेश सरकार ने भ्र्ष्टाचार के आरोपो में हरिद्वार जिला पंचायत अध्यक्ष को निलंबित करते हुए उनके अधिकार सीज कर दिए थे। और जिला पंचायत के कामकाज को लेकर तीन सदस्य टीम का गठन भी किया था। जिसके विरोध में जिला पंचायत अध्यक्ष पक्ष हाईकोर्ट की शरण में पहुँचा था और आरोपों को निराधार बताते हुए न्याय की गुहार लगाई थी।

सोमवार को हाईकोर्ट ने इस पर अंतिम सुनवाई करते हुए अपना फैसला दिया और ज़िला पंचायत अध्यक्ष को उनके पद पर बहाल करते हुए प्रदेश सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है जिसमे जिला पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर निर्णय लिया जाए।

जिला पंचायत अध्यक्ष समर्थको में खुशी की लहर

फैसला आने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष समर्थको में खुशी की लहर है। समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे है। किसान आयोग के अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कुछ राजनीतिक लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए सरकार और प्रशासन को गुमराह कर ये षड्यन्त्र रचा था। कोर्ट का फैसला उन लोगों के मुँह पर तमाचा है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार ज़िला पंचायत अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर जल्द फैसला लेगी, और हरिद्वार की जनता को देखते हुए निष्पक्ष फैसला लेगी।

लगभग 10 करोड़ का विकास कार्य अवरुद्ध हुआ-राजेन्द्र सिंह

वहीं दो माह चले इस विवाद पर बोलते हुए राजेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि लगभग 10 करोड़ का विकास कार्य अवरुद्ध हुआ है। जिसे तेज़ी से पटरी पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा माहौल खराब करने का बीड़ा जो कुछ लोगों ने उठाया था, शायद उनको अब जवाब मिल गया होगा।



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