• उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग को करोड़ों की चपत 

देहरादून।  उत्तराखंड की विजिलेंस टीम ने परीक्षा नियंत्रक को छात्रवृत्ति के नाम पर उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोप में को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। छात्रवृत्ति के नाम पर उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोप में परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया गया है।छात्रवृत्ति के नाम पर उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के आरोप में परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया गया है। देहरादून कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। अब तक इस घोटाले में नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 

गौरतलब है कि मेवाड़ विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति का घोटाला करने वालों ने उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग को पिछले साल करीब आठ करोड़ रुपये का चूना लगाया था। मामले के खुलासे के बाद जांच के आदेश दिए गए थे। बता दें कि मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कई बड़े अधिकारियों ने कारपोरेशन बैंक वसुंधरा गाजियाबाद के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक सैयद असगर मेंहदी ने उत्तराखंड राज्य के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र छात्रओं को यूनिवर्सिटी का संस्थागत छात्र बताकर कारपोरेशन बैंक में उनके फर्जी खाते खोले। इसके बाद बैंक खातों को आधार बनाकर उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग से आठ करोड़ रुपये वसूल लिए। जबकि ये छात्र कभी मेवाड़ विश्वविद्यालय में गए ही नहीं। पिछले कई महीनों से विजिलेंस की टीम असगर मेंहदी की तलाश में जुटी थी। बीते दिन  उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है।

छात्रवृत्ति घोटाले का प्रमुख आरोपी और परीक्षा नियंत्रक सैयद असगर मेंहदी ने उत्तराखंड राज्य के इन तथाकथित अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों की परीक्षाएं राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित करवाई थीं। इसके बाद बिना उत्तर पुस्तिका की जांच किए ही परीक्षा परिणाम को समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपलोड कर दिया ताकि विभाग से इन छात्रों की छात्रवृत्ति प्राप्त की जा सके। 



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