• ब्रह्मलीन स्वामी दयानन्द की समाधि पर पूजा अर्चना कर किये श्रद्धा सुमन अर्पित
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी है ब्रह्मलीन स्वामी में आस्था  

ऋषिकेश : सुपरस्टार रजनीकांत तमिलनाडु की राजनीति में कदम रखने से पहले अपने गुरु ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती के दयानंद आश्रम पहुंचे जहाँ उन्होंने ब्रह्मलीन स्वामी की समाधि पर पूजा अर्चना कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये । उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इससे पहले ब्रह्मलीन स्वामी के जीवित रहते हुए यहाँ आ चुके हैं । उनकी भी स्वामी दयानन्द सरस्वती में गहन आस्था रही है ।

गौरतलब हो कि सिनेस्टार रजनीकांत तमिलनाडु की जनता को ये पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि वो राजनीति में नाम या पैसा कमाने के कारण नहीं आ रहे हैं, बल्कि उनका राजनीति में आने का उद्देश जनसेवा और लोक कल्याण है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों की सैर करने के बाद उत्तराखंड की तरफ रुख किया है वे यहाँ एक -दो दिन रुकेंगे ।

मंगलवार अपराह्न सिने अभिनेता रजनीकांत अपने आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मलीन संत स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज के आश्रम पहुंचे। जहाँ उन्होंने पहुँचते ही अपने गुरु की समाधि पर जाकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाएं और आरती की। यहाँ यह भी विदित हो कि सुपर स्टार रजनीकांत स्वामी दयानंद आश्रम ट्रस्ट के पिछले 20 वर्षों से ट्रस्टी हैं। आश्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी शुद्धानंद महाराज ने उनका ऋषिकेश गंगातट स्थित आश्रम में पहुँचने पर स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने वहां उपस्थित लोगों और अपने समर्थकों से कहा कि उनकी यहाँ गुरु धाम की यह यात्रा पूरी तरह आध्यात्मिक है और वह राजनीति में आने से पहले कुछ दिन यहां गंगा के तट पर बिताना चाहते हैं।

इससे पहले जॉली ग्रांट  एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका दीदार करने उनके प्रशंसकों की जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी थी । लेकिन एअरपोर्ट अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने सुपरस्टार रजनीकांत को बहुत ही गोपनीय ढंग से एअरपोर्ट के दूसरे वीआइपी गेट से बाहर निकला । जहाँ से वे कारों के काफिले के साथ  पुलिस सुरक्षा में ऋषिकेश की ओर रवाना हुए। उनके एअरपोर्ट से अचानक बाहर निकलने की सूचना पर  एयरपोर्ट पर मौजूद उनके प्रशंसकों को निराशा हाथ लगी और वे उनका दीदार किये बिना अपने घरों को लौट गए जिनमें से कुछ ने तो ऋषिकेश स्थित दयानंद आश्रम का रुख भी किया लेकिन वहां भी कड़ी सुरक्षा के चलते उन्हें मायूस होना पड़ा।



http://ift.tt/2p7LOZ8


See More

 
Top