देहरादून- हमेशा से ही उत्तराखंड की मित्र पुलिस जनता से कंधे से कंधा मिलाकर चलती आई है. बात चाहे ट्रेफिक व्यवस्था सुधार की करें या महिलाओं औऱ युवतियों की सुरक्षा की चाहे बुजुर्गों के ‘सम्मान’ की. उत्तराखंड पुलिस हमेशा से बेहतर काम करती आई है और कर रही है. जिससे प्रदेश से लेकर विदेशों में भी उत्तराखंड और उत्तराखंड पुलिस का डंका बजने लगा है.

उत्तराखंड पुलिस को यूंही मित्र पुलिस नहीं कहा जाता. बल्कि पुलिस ने वाकई में ऐसे-ऐसे बेहतर काम किए हैं कि हर किसी की जुबां में उत्तराखंड के साथ-साथ मित्र पुलिस का नाम भी है.

डीजीपी, यातायात निदेशक और पुलिस जवानों को हमारा सलाम

उत्तराखंड पुलिस की एक योजना को खूब सराहा जा रहा है। जी हां हम बात करे रहे है “सम्मान सेवा” की जिसने बुर्जगों को काफी हद तक सहूलियत दी है.

इस योजना की सफलता का सारा श्रेय डीजीपी अनिल रतूड़ी और यातायात निदेशक केवल खुराना और पुलिस के उन जवानों को जाता है जो बड़े ही ईमानदारी से अपनी ड्यूटी और अपना कर्तव्य निभा रहे हैं. 24 घंटे की ड्यूटी के बावजूद उत्तराखंड पुलिस के जवान इस बात का भी ध्यान रख रहे है कि कहीं किसी को उनकी जरूरत तो नहीं हैं और बिना मांगे हर बुर्जग और आम आदमी की मदद के लिए आगे भी आ रहे है.

ट्रेफिक ड्यूटी के दौरान पुलिस ने की बिमार महिला की मदद

अभी कुछ दिन पहले ही मैं सहारनपुर रोड से अपने ऑफिस के लिए जीएमएस रोड़ की ओर आ रही थी तभी एक महिला जो की बिमार थी जिसकी उम्र 40 से 45 की बीच होगी औऱ वो बेहोश हो गई थी. वहां काफी भीड़ इक्कट्ठा हो गई थी. तभी मैनें देखा की एक कांस्टेबल तेजी से भागता हुआ आया और सबसे पहले ई-रिक्शे में महिला को बैठाकर उसे अस्पताल के लिए रवाना किया. पुलिस के इस काम को देखकर काफी अच्छा लगा.

उत्तराखंड पुलिस हमेशा आपकी सेवा में तत्पर, है ये शब्द केवल शब्दों में ही नहीं हैं बल्कि समय-समय पर मित्र पुलिस इस बात को सच साबित करती रहती है।

अमेरिका का नागरिक हुआ उत्तराखंड पुलिस का दिवाना,

उत्तराखंड पुलिस के काम से अमेरिका का एक नागरिक इस कदर प्रभावित हुआ कि वह सीधे यातायात निदेशालय पहुंच गए. उत्तराखंड पुलिस के इस नेक काम से बीते सप्ताह अमेरिका का 82 वर्षीय नागरिक ने बुजुर्गों के लिए “सम्मान सेवा”योजना से इतने अधिक प्रभावित हुए कि खुद यातायात निदेशालय पहुँचकर पुलिस का धन्यवाद किया. साथ ही कहा कि ये योजना बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बहुत ही ज्यादा मददगार और शानदार है.  ऐसी योजना तो अमेरिका में भी नहीं है, हम भी अमेरिका सरकार से मांग करेंगे कि वो वहां भी ये सेवा शुरू करे।

अमेरिका में सेवा शुरु करने की इच्छा कि जाहिर

आपको बता दें ये 28 फरवरी का जब अमेरिकी नागरिक जो कि 82 वर्षीय ब्रयान हिलेरी देहरादून में किसी काम के सिलसिले में आये हुए थे. वो गांधी चौक के पास खाना खाकर काफी देर तक किसी ऑटो, टैक्सी या बस का इन्तेजार करते रहे लेकिन अत्यधिक उम्र होने के कारण वो बस या ऑटो के पास तक भी नहीं पहुँच पा रहे थे, तो पास में ही एस्ले हॉल पर खड़े पुलिस के दो जवानों की उनपर नजर पड़ी तो वो तुरंत बुजुर्ग के पास पहुँच गये और देहरादून में चल रहे “सम्मान सेवा” के ऑटो को तुरंत अपने पास बुलाया और तब जाकर ऑटो ने बुजुर्ग को उनके होटल तक छोड़ा।

जय हिन्द का लगाया जोर से नारा

इस सारे घटनाक्रम के बाद 82 वर्षीय ब्रयान हिलेरी ने यातायात निदेशालय पहुंचकर उन्होंने यातायात निदेशक केवल खुराना से मुलाक़ात की और अपने साथ हुए वाकया को शेयर किया और साथ ही इस योजना की जमकर तारीफ़ की. जैसे ही वो जाने लगे उन्होंने जोर से जय हिन्द का नारा लगाया जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी लोग काफी खुश हुए और सम्मान में खड़े भी हु



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