किसी भी विद्यालय की प्राथमिकता होती है कि वह ज्यादा से ज्यादा सुविधायें विद्यार्थियों तक पहुचाये लेकिन अक्सर उसमे आधुनिकता की कमी होती है. जिस कारण वह समय से अपडेट नहीं रह पाते और विद्यार्थी नई प्रणालियों से वंचित रह जाते हैं. आज के इस आधुनिक समय में वो दौर आ चूका है जब विद्यार्थी, अध्यापक व अभिवावक के बीच बहतर समन्वय स्थापित हो. ऐसा मानना है दिल्ली पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी की प्रधानाचार्या रंजना शाही का.

वह आगे कहती हैं कि विद्यालय अब सिर्फ किताबी शिक्षा तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि उससे कहीं आगे निकल चुके हैं. अब विद्यार्थियों की प्रतिभा का मूल्यांकन करके उनको उनकी क्षमताओं के अनुसार मौका देना होगा ताकि वह उस क्षेत्र में पारंगत हो सकें. दिल्ली पब्लिक स्कूल की विशेषताओं के बारे में बताते हुए वह कहती हैं कि हम हल्द्वानी शहर में एक नए आयाम को गढ़ने की तैयारी में हैं. जिसके लिए हमने पहले ही दिन से काम करना शुरू कर दिया था. हमारा पहला शैक्षणिक सत्र अप्रैल माह से शुरू होने जा रहा है और हम बेहद उत्सुकता से विद्यार्थियों को उनको पहले ही दिन से मिलने जा रहीं उन सुविधाओं से रु-ब-रु करवाना चाहते हैं जिनका अनुभव उन्होंने पहले नहीं किया है.

अध्यापन को लेकर बेहद सतर्क हो कर वह कहती हैं कि दिल्ली पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी अपने विद्यार्थियों को गणित एवं इंग्लिश लैब देने जा रहा है जिसके लिए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी एवं आधुनिक संस्था NIIT से अनुबंध किया है. इसके अंतर्गत बच्चे गणित एवं अंग्रेजी विषय को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से सीख पाएंगे. जहां उनको मॉडल, फन-एक्टिविटी एवं टेक्नोलॉजी द्वारा बेहद रोमांचित तरीके से विषय को समझाया जायेगा.

इसी तरह विद्यार्थी खुद रोबोट बनाना सीखेंगे जिससे वह विज्ञान की बारीकियां सीख पाएंगे. रोबोटिक्स के लिए ‘अविष्कार’ संस्था से अनुबंध किया गया है. ‘एक्स्ट्रामार्क्स संस्था’ की ‘स्मार्टक्लास’ सुविधाओं से सभी कक्षायें लेस होंगीं ताकि अध्यापक 3D टच बोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों को लाइव क्लासरूम का अनुभव करवा सकें. इसी तरह ‘नेक्स्ट एजुकेशन’ संस्था ने यह व्यवस्था की है कि किसी भी कक्षा को कभी भी विज्ञान लैब के रूप में तैयार किया जा सकता है ताकि विद्यार्थी किसी भी समय इंटरेक्टिव साइंस एक्सपेरिमेंट कर सकें.

विद्यालय खेल-कूद विषय में पहले ही दिन से काम करने की तैयारी में है इसलिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों से तैयार पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को दिया जा रहा है जिसके लिए ‘कूह स्पोर्ट्स’ नामक संस्था से करार किया गया है. इसके अंतर्गत समय समय पर सभी खेलों के एक्सपर्ट विद्यालय आकर विद्यार्थियों प्रशिक्षण देंगे और उनको राष्ट्रीय खेलों के मानकों के अनुसार तैयार करेंगे. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं जिसके अंतर्गत CCTV केमरों के साथ साथ सभी स्कूल बस आधुनिक GPS सिस्टम से लेस होगी जिसके तहत सभी अभिवावक मोबाइल एप या विद्यालय के पोर्टल www.dpshld.com के माध्यम से अपने बच्चों की लोकेशन पर निगाह रख सकेंगे. विद्यार्थियों को आवाजाही में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए स्कूल बसों को वातानुकूलित बनाया गया है.

हिंदी, संस्कृत एवं अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त विदेशी भाषाओँ को भी विद्यार्थी चुन सकेंगे. रंजना शाही बताती हैं कि हम बच्चों को पहले ही दिन से वो सभी सुविधायें देना चाहते हैं जो उनको इस प्रतिस्पर्धा भरे माहोल के लिए एक दम मजबूती से खड़ा कर सके. लाइव लर्निंग द्वारा बच्चों को रोज़मर्रा के जीवन में दिखने वाली वस्तुयें एवं कामों से यह सीखने को मिलेगा कि किसी भी काम या वस्तु का प्रबंधन कैसे होता है. उनका हिसाब कैसे रखा जाता है?

अंत में रंजना शाही कहती हैं कि हम उत्साहित हैं कि दिल्ली पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी अपने पहले ही सत्र से विद्यार्थियों को शिक्षा का आधुनिक स्वरुप दिखायेगा जहां वह अपनी रूचि के अनुसार भाग लेंगे. रंजना शाही पूर्व में दिल्ली के एक स्कूल में बतौर प्रधानाचार्या के रूप में काम कर चुकी हैं और शिक्षा के क्षेत्र में 20 साल का अनुभव रखती हैं.

साक्षात्कार द्वाराप्रदीप पाठक, मैनेजिंग एडिटर एवं सीईओ, यू. टी. मीडिया



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