समाजसेवी अन्ना हजारे ने 23 मार्च से शुरू हो रहे विशाल जन आंदोलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में जमीन की मांग की है. उन्होंने इस हेतु एक पत्र भी पीएम के नाम लिखा है जिसकी प्रति गृहमंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली पुलिस कमिश्नर तक भी पहुंचाई गई है. पत्र इस प्रकार है –

सेवा में
मा. नरेंद्र मोदी जी,
प्रधानमंत्री, भारत सरकार,
रायसीना हिल्स, नई दिल्ली.
विषय- 23 मार्च 2018 से दिल्ली में जन आंदोलन के लिए जगह मिलने के बारे में.
महोदय,
23 मार्च 2018 को दिल्ली में किसानों के प्रश्न, लोकपाल, लोकायुक्त कानून पर अमल, चुनाव सुधार को लेकर जो जन आंदोलन हो रहा है, उस आंदोलन के लिए दिल्ली में जगह मिलने के लिए हमने 07 नवम्बर 2017 से लेकर आज तक चार माह से ज्यादा समय में 12 बार पत्राचार किया है. उनमें आपको, गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी को, दिल्ली पुलिस कमिशनर को, दिल्ली नगर निगम (एम.सी.डी) के असिस्टंट डायरेक्टर (हॉर्टीकल्चर) इन सभी सम्बन्धितों को बार बार पत्र लिखा है. साथ साथ उनके दप्तर में प्रत्यक्ष भेंट और चर्चा भी की है. लेकिन अब तक कोई भी जगह नहीं मिल रही है. आपको याद होगा की, किसानों के प्रश्न, लोकपाल लोकायुक्त और कई जनहित के मुद्दों पर मैंने अब तक आपको 43 बार पत्र लिखे है. लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया ना लोकपाल लोकायुक्त के बारे में और किसानों के बारे में कोई कार्रवाई हुई. इसलिए अब मैने संविधान ने दिए अधिकार के मुताबिक आंदोलन करने का निर्णय लिया है. वास्तविक रूप से जनता को संविधान अनुसार शांतिपुर्ण और अहिंसात्मक मार्ग से आंदोलन करने के लिए जगह देना यह सरकार की जिम्मेदारी है. ऐसी स्थिती में सरकार के तरफ से जगह के लिए अनुमति नहीं मिल रही है. इसलिए मजबूर हो कर जेल में आंदोलन करना होगा ऐसा लग रहा है. लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है. मैं 30 साल से जनहित, राज्य और राष्ट्रहित के लिए आंदोलन करते आया हूं. लेकिन आज तक कभी हिंसा नहीं होने दी. मेरे जीवन में महात्मा गांधीजी के विचारों का आदर्श है. उस आदर्श को निभाने के लिए सरकार की बहुत बडी जिम्मेदारी है. देश के हर प्रदेश से जनता इस आंदोलन में आनेवाली है. और ऐसी स्थिती में आंदोलन के लिए जगह ना देने के बारे में आज सरकार का रवैय्या ठिक नहीं है. कृपया आंदोलन के लिए जल्द से जल्द जगह मिले. इसलिए विनती है.
धन्यवाद.
भवदीय,
अन्ना हजारे



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