दलितों के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच घमासान और तेज हो गया है. एक ओर दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर भारत बंद की सफलता से उत्साहित कांग्रेस ने हमला तेज कर दिया है, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के बाद भाजपा ने भी आक्रमक रुख अख्तियार कर लिया है.

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस यह साबित करने की कोशिश करती दिखी कि भाजपा और संघ परिवार की मानसिकता दलित विरोधी है, तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस को दलितों के मसीहा बाबा साहब भीमराव रामजी आंबेडकर के साथ हुए दु‌र्व्यवहार की याद दिलाई.

भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने भाजपा-आरएसएस की मानसिकता को दलित विरोधी बताते हुए कहा कि सोमवार को बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाएं सरकार की नीतियों के खिलाफ दलितों में लंबे समय से पनप रहे गुस्से का परिणाम है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मोदी सरकार के दौरान हुए दलित उत्पीड़न की पराकाष्ठा बताया. अपने आरोपों को साबित करने के लिए उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला भी दिया.

आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि बंद के दौरान दलितों पर हमला करने में आरएसएस से जुड़े संगठन शामिल थे, जिसे मीडिया में उजागर भी किया है. शर्मा ने दलित उत्पीड़न के केस में सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार के पार्टी नहीं होने के बयान पर कानून मंत्री रविशंकर को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि इस झूठ के लिए रविशंकर प्रसाद को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा की ओर से तीखा पलटवार किया गया. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस के दलित प्रेम की हवा निकालते हुए बाबा साहब भीमराव रामजी आंबेडकर के साथ हुए दु‌र्व्यवहार की याद दिलाई. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल दलितों को वोट बैंक के रूप में देखते हैं. इसके लिए समय-समय पर आरक्षण को लेकर सामूहिक रूप से भ्रामक प्रचार शुरू देते हैं.

अमित शाह ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल होते हुए उनकी स्क्रिप्ट पुरानी पड़ गई है. उन्होंने दलितों को भरोसा दिया कि भाजपा के रहते कोई भी संविधान प्रदत्त उनके अधिकारों को नहीं छीन सकता है.



https://ift.tt/2IqIXSf


See More

 
Top