हल्द्वानी-देश भर में चल रहे आरक्षण के समर्थन और विरोध तथा दलित उत्पीड़न के मामलों को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। इसे लेकर प्रदेश की सियासत में भी रोज नए रंग दिख रहे हैं। कभी उपवास तो कभी धरना प्रदर्शन के जरिये राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से पीछे नहीं है।

शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हल्द्वानी की दलित बस्ती गांधीनगर में जाकर न केवल केंद्र सरकार पर हमला बोला, बल्कि भजन गाकर सरकार की सद्बुद्धि की भी कामना की।

यहां हरीश रावत ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देशभर में प्रदर्शन हुए।

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर केंद्र की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए उपवास कार्यक्रम किए। इसके बाद भाजपा व केंद्र को कुछ हद तक सद्बुद्धि आई और सुप्रीम कोर्ट गई। उन्नाव दुष्कर्म कांड से उप्र में भाजपा सरकार के कामकाज और कानून व्यवस्था की स्थिति सबके सामने आ गई है।

यहां एकत्र कांग्रेसियों एवं दलित समाज के लोगों के साथ हरीश रावत ने रघुपति राघव राजा राम.. और बाल्मीकि वंदना भी ढपली बजा कर की। इतना ही नहीं इसके बाद हरदा भीम नगर मोहल्ले में रामसिंह सागर के यहां भोजन करने पहुंचे। हरदा ने कहा कि पूरे प्रदेश में सामाजिक सदभाव और सौहार्द के लिए इस तरह के कार्यक्रम करेंगे।



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