देहरादून- ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को अब दवाई लेने बार-बार अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा। सरकार  नियमित रूप से दवाई खाने वाले मरीजों का सर्वे कर उन्हें डाक और दूसरे माध्यमों से घर पर ही दवाई उपलब्ध कराएगी। सरकार की इस योजना का लाभ राज्य के लाखों लोगों को मिलेगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत की जा रही तैयारी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत तैयार की जा रही इस योजना में पहले राज्य में फैमिली हेल्थ सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के तहत राज्य के हर परिवार का डेटा बेस तैयार होगा। इसके आधार पर अलग-अलग बीमारियों के मरीजों का चार्ट तैयार होगा। जिससे सरकार को यह पता चल सके कि राज्य में किस बीमारी के कितने मरीज हैं। इस सर्वे के आधार पर सरकार स्वास्थ्य की प्राथमिकताएं भी तय कर सकेगी। सामान्य बीमारियों के डाटा के साथ ही इससे डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू जैसी संक्रामक बीमारियों के आंकड़े भी सामने आएंगे।

यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा 

सरकार राज्य में यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत 22 लाख परिवारों को निशुल्क बीमा देने की तैयारी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत बीपीएल परिवारों को पांच लाख तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। इसके अलावा अन्य परिवारों को राज्य सरकार अपनी ओर से स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देगी। हालांकि अभी इन परिवारों के लिए बीमा कवर तय नहीं किया गया है।

मरीजों का डेटा तैयार किया जा रहा 

सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने बताया कि राज्य में फैमिली हेल्थ सर्वे करा कर मरीजों का डेटा बैंक तैयार किया जा रहा है। हर परिवार का ई-हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा। इसके बाद एनएचएम के तहत नियमित रूप से दवाई लेने वाले मरीजों को घर पर दवाई देने की सुविधा शुरू की जाएगी। एनएचएम की ओर से इसकी कार्य योजना तैयार की जा रही है।

 



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