देहरादून- उत्तराखंड सरकार ने राज्य के निजी स्कूलों में एनसीईआरटी लागू करके जहां एक ओर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाया तो वहीं इस फैसले से बच्चों के कंधों पर से बस्ते का बोझ कम हुआ और साथ ही अभिभावकों की जेब ढीली होने से भी बच्ची. क्योंकि निजी स्कूल किताबों और पढ़ाई के नाम पर बेवजह की किताबें बच्चों को थमा देते थे जो किताबें साल भर उपयोग में आती ही नहीं थी, केवल वह किताबें बच्चों के कंधों का बोझ बढ़ाती थी साथ ही अभिभावकों के जेब ढीली करने का काम करती थी.

एनसीईआरटी लागू करने के बाद अब शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूल्स पर नकेल कसने के लिए स्पेशल एक्ट तैयार कर लिया है. शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने सोमवार को सचिवालय में इस बाबत अधिकारीयों की बैठक ली.

अगली कैबिनेट बैठक में फीस एक्ट पर मोहर लग जाएगी

शिक्षा मंत्री का कहना है कि स्थितियां सही रही तो अगली कैबिनेट बैठक में फीस एक्ट पर मोहर लग जाएगी. फीस रेगुलेशन एक्ट 2018 में स्कूलों की ग्रेडिंग के अनुसार ही फीस तय होगी. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि फी रेगुलेशन एक्ट के तहत जिला और प्रदेश स्तर पर रेगुलेशन कमेटी का गठन किया जाएगा.  जिला स्तर पर जिलाधिकारी के साथ ही सीईओ, PWD एक्शन, डीएम द्वारा नामित कोई CA, अभिभावक और किसी प्राइवेट स्कूल के प्रधानाचार्य या प्रबंधक इसके सदस्य होंगे. वही राज्य स्तरीय कमेटी में सचिव विद्यालय, शिक्षा डायरेक्टर विद्यालय शिक्षा,CA, PWD के चीफ इंजीनियर सचिव द्वारा नामित कोई अभिभावक और प्राइवेट स्कूल के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे.

पहली शिकायत पर 1 लाख व दूसरी बार शिकायत पर 5 लाख का जुर्माना

जिला और राज्य स्तरीय समिति का 2 साल का कार्यकाल होगा. इसके साथ ही समिति के पास किसी प्राइवेट स्कूल की पहली  बार अगर शिकायत सही पाई जाती है तो 1 लाख का जुर्माना दूसरी बार शिकायत प्राप्त होने पर 5 लाख का जुर्माना और तीसरी बार शिकायत अगर प्राप्त होती है तो स्कूल की मान्यता रद्द किये जाने का प्राविधान इस एक्ट में रखा गया है.

शिकायत 1 महीने के अंतर्गत भी निपटाने होंगे

इसके साथ ही किसी स्कूल की विरोधी संबंधित शिकायत 1 महीने के अंतर्गत भी निपटाने होंगे. सत्र प्रारंभ होने से पूर्व सभी विद्यालयों को अपना शुल्क वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से प्रकाशित करना होगा. स्कूल  द्वारा किसी तरीके से अग्रिम शुल्क वसूला नहीं कर सकता. इतना ही नहीं यूनिफार्म में बिना समिति के अनुमोदन के कोई परिवर्तन नहीं कर सकेंगे.



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