एक लड़की के लिए इससे बुरा क्या हो सकता है कि शादी के 11 दिन बाद ही उसकी मांग सूनी पड़ जाए और हाथों की चूड़ियां टूट जाए. एक पिता के लिए इससे बड़ा सदमा क्या हो सकता है कि जिस बेटी को अभी खुशी-खुशी विदा किया ही था औऱ साथ ही जिंदगी भर खुश रहने का आर्शीर्वाद दिया था उसकी जिंदगी सूनी पड़ जाए.

जी हां ऐसा ही कुछ हुआ भीमताल शहरफाटक के डोल ग्रामसभा निवासी त्रिलोक सिंह फर्त्याल की पुत्री दीपिका (खुशी) के साथ. जिसकी हाथों की मेहंदी अभी उतर भी नहीं पाई थी कि उसके माथे का सिंदूर उजड़ गया। 27 अप्रैल को दीपिका और जगत शादी के बंधन में बंधे थे औऱ खुशहाल जीवन जीने की साथ कसम खाई थी. लेकिन किसे पता था कि 11 दिन बाद ही परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा, नई नवेली दुल्हन विधवा हो जाएगी. जी हां शादी के लिए घर आए कुमाऊं रेजीमेंट के जवान की शादी के 11 दिन बाद ही हत्या कर दी.

जगत सिंह को जमीन पर पटका और गुप्तांग पर पूरी ताकत से मारी लात

दरअसल सोमवार को मज्यूली गांव के तोक जोनपोखरा निवासी रेवाधर मेलकानी के बेटे महेश मेलकानी का महिला संगीत का कार्यक्रम था। इसके बाद रात में आयोजित पार्टी में जगत भी गया था। पार्टी में डांस करने के दौरान जगत सिंह का गांव के गोपाल सिंह रावत से झगड़ा हो गया। नशे में धुत गोपाल सिंह ने जगत सिंह को जमीन पर पटका और गुप्तांग पर पूरी ताकत से लात मार दी। इससे जगत मौके पर ही बेहोश हो गया। ग्रामीण जगत को पदमपुरी अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस कर रही आरोपी की तलाश

तहसीलदार नवाजिश खलीक, पट्टी चौभैसी के पटवारी प्रेम प्रकाश गोस्वामी व हेम चंद्र जोशी ने घटनास्थल का मुआयना कर शव कब्जे में लिया। शव का हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराया गया है। मृतक के पिता खीम सिंह ने गोपाल सिंह के विरुद्ध धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। तहसीलदार नवाजिश खलीक ने बताया कि दी गई तहरीर में पुरानी रंजिश का जिक्र नहीं है। आरोपित की तलाश में राजस्व विभाग की टीमें दबिश दे रही हैं।

जगत 2012 में कुमाऊं रेजीमेंट में हुआ था भर्ती

परिजनों के अनुसार जगत सिंह इंटर करने के बाद 2012 में कुमाऊं रेजीमेंट में बतौर जवान भर्ती हुआ था। वह वर्तमान में कश्मीर में तैनात था। शादी तय होने के बाद 17 अप्रैल को एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था। 27 अप्रैल को शहरफाटक के डोलगांव में जगत सिंह की शादी दीपिका उर्फ खुशी से हुई। बेटे की शादी से खीम सिंह के परिवार में खुशियों का माहौल था। गांव के लोग जगत सिंह की नई नवेली दुल्हन को देखने घर में पहुंच रहे थे।

अल्मोड़ा के चितई मंदिर में गोल्ज्यू महाराज के दर्शन के लिए गए थे

शादी के तीन दिन बाद दोनों अल्मोड़ा के चितई मंदिर में गोल्ज्यू महाराज के दर्शन भी करने गए थे। परिजनों ने बताया कि जब दोनों अल्मोड़ा जा रहे थे तब भी आरोपी गोपाल सिंह ने बदतमीजी से बात कर जगत को उसकी पत्नी के सामने नीचा दिखाने की कोशिश की थी। जबकि जगत कुशल व्यवहार का लड़का था.

23 साल की उम्र में हुई विधवा

मृतक जगत सिंह की हत्या के बाद लोगों को उसकी पत्नी के भविष्य की चिंता सताने लगी है। 23 साल की उम्र में ही सुहाग के उजड़ जाने पर लोगों ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में विधवा होने पर वह कैसे जिंदगी जी पाएगी। वहीं मृतक के घर में मां-बाप, बड़ा भाई, बहन और एक छोटा भाई है। पिता काश्तकार हैं। बड़ा भाई हल्द्वानी मेडिकल स्टोर में काम करता है, जबकि बहन की शादी हो चुकी है। सबसे छोटा भाई घर में खेती में हाथ बंटाता है।

राजस्व पुलिस के मुताबिक आरोपी गोपाल सिंह छोटी-छोटी बातों पर लोगों से मारपीट और बदतमीजी करने के लिए उतारू रहता है। लोगों से बातचीत में यह बात सामने आई है। हालांकि आरोपी पर धारी तहसील में कोई अपराध दर्ज नहीं है।



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