मंगलवार को सुप्रीमकोर्ट ने जल संसाधन मंत्रालय के सचिव को कावेरी प्रबंधन योजना के साथ 14 मई को अदालत में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का निर्देश दिया है. शीर्ष अदालत ने मामूली संशोधन के साथ कावेरी न्यायाधिकरण को लागू करने का आदेश दिया है.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने जल संसाधन सचिव को उपस्थित होने का निर्देश दिया. वहीं महान्यायवादी के. के. वेणुगोपाल ने सरकार द्वारा फैसला लेने से पहले कर्नाटक चुनाव के समाप्त होने तक छह दिन का समय मांगा है.

प्रधान न्यायाधीश ने वेणुगोपाल से कहा कि केंद्र ने अदालत की अवमानना की है. वेणुगोपाल ने कहा कि कावेरी प्रबंधन बोर्ड को लागू करने की योजना मंत्रिमंडल के पास है, लेकिन प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के कर्नाटक चुनाव में व्यस्त रहने की वजह से कैबिनेट की बैठक नहीं हो पाई है. कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव होना है.

महान्यायवादी ने योजना को दाखिल करने के लिए छह दिन का समय मांगा है. तमिलनाडु की ओर से पेश हुए विशेष वकील शेखर नफाड़े ने पूछा कि इसे गुरुवार और शुक्रवार को क्यों दाखिल नहीं किया जा सकता.

जिसपर महान्यायवादी ने कहा कि इस मामले पर कार्य करने वाले अधिकारी शनिवार और रविवार को कार्य नहीं करते हैं, जिसपर नफाड़े ने तंज कसते हुए अपनी दलील दी और कहा कि हम 24 घंटे और 365 दिन काम करने वाले नौकर हैं.

जिसपर महान्यायवादी ने कहा, “यह किसने कहा.” इसके बाद नफाड़े ने पूछा, “आप मुझसे हवाला चाहते हैं?” और उन्होंने सरकार के शीर्ष अधिकारी (प्रधानमंत्री) द्वारा दिए गए बयान का संदर्भ दिया.



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